सुल्तानपुर। जिले में सरकारी क्रय केंद्रों पर धान बेचने वाले किसान मूल्य भुगतान के लिए परेशान हैं। 72 घंटे में किसानों को मूल्य भुगतान करने का सरकार का दावा कागजों में सिमट कर रह गया है।
सरकारी क्रय केंद्रों पर किसानों के बेचे गए धान का 27 करोड़, 17 लाख, 24 हजार रुपये का भुगतान नहीं हो पाया है। मूल्य भुगतान के लिए किसान सरकारी क्रय केंद्रों से लेकर खरीद एजेंसियों के कार्यालयों का चक्कर काट रहे हैं। पेमेंट नहीं मिलने से किसानों के खेती-बाड़ी के कार्य बाधित हो रहे हैं।
किसानों का धान खरीदने के लिए इस वर्ष 52 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। इनमें से धनपतगंज ब्लॉक के सराय गोकुल गांव में बनाया गया एक क्रय केंद्र अभी तक संचालित नहीं हो पाया है। वर्तमान समय में 51 क्रय केंद्रों पर ही किसानों के धान की खरीद हो रही है।
इस वर्ष 70,000 एमटी धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। किसानों का धान खरीदने के लिए पांच एजेंसियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इनमें खाद्य विभाग, पीसीएफ, नैफेड, मंडी समिति व एफसीआई शामिल हैं। इन्हीं एजेंसियों के भरोसे चल रही धान खरीद में 1,0842 किसानों ने 55,312.58 एमटी धान बेचा है।
इसका कुल खरीद मूल्य 10332.39 लाख रुपये होता है। इसमें से खरीद एजेंसियों ने किसानों को 76 करोड़ 15 लाख 15 हजार रुपये का भुगतान कर दिया है, जबकि 27 करोड़, 17 लाख, 24 हजार रुपये बकाया है। धान खरीद का बकाया मूल्य भुगतान के लिए किसान परेशान हैं।
72 घंटे में किसानों को मूल्य भुगतान करने का सरकार का दावा कागजों तक सिमट कर रह गया है। मूल्य भुगतान पाने के लिए किसान सरकारी क्रय केंद्रों से लेकर खरीद एजेंसियों के कार्यालयों का चक्कर काट रहे हैं। भुगतान नहीं मिलने से किसानों का खेती-बाड़ी का कार्य बाधित हो रहा हैं।
नोडल एजेंसी विपणन शाखा पर किसानों का छह करोड़, 28 लाख, एक हजार रुपये, पीसीएफ पर 14 करोड़, 33 लाख, 25 हजार रुपये, नैफेड पर पांच करोड़, 90 लाख, 90 हजार रुपये व मंड़ी समिति पर 65 लाख आठ हजार रुपये बकाया है। एफसीआई ने किसानों को शत-प्रतिशत मूल्य भुगतान कर दिया है।
कुड़वार ब्लॉक के सड़ाव गांव निवासी राम नारायण उपाध्याय व त्रियुगी नारायण उपाध्याय ने पिछले 21 दिसंबर को विपणन शाखा कुड़वार के क्रय केंद्र पर 24 क्विंटल धान बेचा था। सप्ताह भर से ज्यादा समय बीत गया लेकिन अभी तक भुगतान नहीं मिल पाया है।
भदैंया ब्लॉक के बेलामोहन गांव निवासी राकेश सिंह ने बताया कि उन्होंने पखवारे पूर्व 23 क्विंटल बेचा था। अभी तक उनके खाते में धनराशि नहीं आई है। भुगतान नहीं मिलने से गेहूं की फसल की सिंचाई व यूरिया के छिड़काव कराने में परेशानी हो रही है।
अभिया गांव के किसान भाऊ पांडेय ने पिछले 21 दिसंबर को आठ क्विंटल धान की बिक्री भदैंया क्रय केंद्र पर की थी। उनके खाते में अभी तक रुपया नहीं आया है। क्रय केंद्र से बताया गया है कि फीडिंग करा दी गई है। सात दिन के अंदर भुगतान हो जाएगा।
बेलासदा गांव के किसान किरन कुमार पांडेय ने पिछले 27 दिसंबर से पन्ना टिकरी क्रय केंद्र 30 क्विंटल धान की तौल कराने के लिए रुके हुए हैं। क्रय केंद्र पर जगह नहीं होने से अभी तक उनके धान की तौल नहीं हो पाई है। कड़ाके की ठंड में परेशानी हो रही है।