सूबे की योगी सरकार ने जिला अस्पतालों को अपग्रेड कर 18 मेडिकल कॉलेज बनाने की घोषणा की है। सरकार की घोषणा के बाद जिलेवासियों की उम्मीदों को पंख लग गए हैं। यहां का जिला अस्पताल न केवल अपग्रेड के मानक पर खरा उतरा रहा है बल्कि भौगोलिक दशा भी उसके दावे को मजबूत कर रही है। अभी तक मेडिकल कॉलेज की सुविधा के लिए जिले को लोगों को लखनऊ, इलाहाबाद और वाराणसी जाना पड़ता था।
जिले में मेडिकल कॉलेज खुलने से सुल्तानपुर के साथ ही पूरी अमेठी और प्रतापगढ़, जौनपुर, अंबेडकरनगर, फैजाबाद के सीमावर्ती गांवों के लोगों को भी इसका लाभ मिलेगा।
वर्तमान में जिला अस्पताल सुल्तानपुर में कुल 158 शैय्या व महिला अस्पताल में 80 शैय्या उपलब्ध हैं। मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए स्वास्थ्य विभाग का मानक 200 शैय्या का होता है। इस मानक पर जिला अस्पताल पूरी तरह खरा है।
सुल्तानपुर जिले की कुल आबादी 22 लाख है, जबकि अमेठी की करीब 20 लाख है। पड़ोसी जिले प्रतापगढ़, जौनपुर, अंबेडकरनगर, फैजाबाद के तमाम गांव भी अपने जिला मुख्यालय की अपेक्षा सुल्तानपुर के करीब हैं। सुल्तानपुर जिले से लखनऊ-वाराणसी, इलाहाबाद-फैजाबाद और टांडा-बांदा समेत तीन राष्ट्रीय राजमार्ग गुजरते हैं जबकि लखनऊ-बलिया स्टेट हाईवे भी इसे पार करता हैै। अब तक जिले के लोगों को मेडिकल कॉलेज की सुविधा के लिए लखनऊ, वाराणसी और इलाहाबाद जाना पड़ता है।
सीएमओ डॉ. रमेश चंद्रा ने कहा कि मेडिकल कॉलेज खुलने से आस-पास के कई जिलों के लोगों को फायदा मिलेगा। मौजूदा समय में जिला अस्पताल और महिला अस्पताल की जमीन मिलाकर करीब 10 एकड़ है। जिलाधिकारी सुल्तानपुर एस. राजलिंगम से मिलकर 10 किलोमीटर की परिधि में मेडिकल कॉलेज खुलवाने के लिए 20 एकड़ जमीन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया जाएगा। मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. वीएन त्रिपाठी से भी मांग की जाएगी।