नोटबंदी के बाद से बेपटरी हुए एटीएम ढर्रे पर नहीं आ सके हैं। कैश की किल्लत से एटीएम पर रुपये लोड नहीं हो पा रहे हैं। शहर से लेकर ग्रामीण अंचल तक के एटीएम शोपीस बने हैं। महीने के दूसरे शनिवार को बैंक शाखाएं बंद रहीं। रविवार को साप्ताहिक अवकाश के चलते एटीएम पर करेंसी चेस्ट नहीं लोड हो सका। जिले के 116 में 85 एटीएम कैशलेस रहे। कैशलेस एटीएम ने लोगों को निराश किया। सहालग में जरूरतमंद कैश के लिए इधर-उधर भटकते रहे।
पिछले कुछ दिनों से आरबीआई की ओर से बैंक ब्रांचों को जरूरत के मुताबिक कैश लोड नहीं मिल पा रहा है। आरबीआई से करेंसी चेस्ट नहीं मिलने से बैंकों में नोटबंदी जैसे हालात पैदा हो गए हैं। कैश की कमी का सीधा असर एटीएम बूथ पर भी पड़ा है। आरबीआई की करेंसी चेस्ट कम निर्गत करने की वजह से एटीएम पर कैश लोड करने वाली एजेंसियों के सामने मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। शहर के गिने-चुने एटीएम पर ही लोगों को धन निकासी की सुविधा मिल पा रही है। अधिकांश एटीएम कैशलेस चल रहे हैं। महीने के दूसरे शनिवार को व रविवार को साप्ताहिक अवकाश के चलते जिले की सभी बैंक शाखाएं बंद रही।
बैंक अवकाश के दूसरे दिन भी धन निकासी के विकल्प एटीएम लोगों की उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके। शनिवार को एटीएम पर एजेंसियों ने करेंसी नहीं लोड की। नतीजतन रविवार को शहर के कई एटीएम के शटर दिन भर गिरे रहे। सीमित एटीएम पर ही कैश मिला। कतार में लगे कार्डधारकों ने बताया कि छुट्टियों के दिन में एटीएम पर अक्सर कैश नहीं मिलता है। जरूरतमंदों को समय पर कैश न मिल पाने से उनके सामने मुसीबत खड़ी हो जाती है।
ग्रामीण क्षेत्रों स्थापित एटीएम पर बिल्कुल कैश नहीं लोड हो पा रहा है। जिले के 116 एटीएम में सर्वाधिक एटीएम बॉब व एसबीआई के हैं। शहरी व ग्रामीण क्षेत्र को मिलाकर बॉब के 39 व एसबीआई के 23 एटीएम स्थापित हैं। जिले के 85 एटीएम में रविवार को कैश नहीं मिल सका। बस स्टेशन पर स्थित एचडीएफसी बैंक, बॉब, सेंट्रल बैंक, विजया बैंक समेत अन्य बैंकों के एटीएम कैशलेस रहे।