सुल्तानपुर। लखनऊ में मकान दिलाने के नाम पर सेवानिवृत्त सैनिक से 22 लाख रुपये वसूलकर ठगी करने के मामले में गैरहाजिर चल रहे आरोपी दंपती के खिलाफ एफटीसी-सिविल जज सीनियर डिवीजन अंकिता सिंह ने गिरफ्तारी वारंट जारी करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने मामले में अगली सुनवाई के लिए 13 जून की तिथि नियत की है।
कोतवाली नगर क्षेत्र के शिवपुरी निराला नगर निवासी रेवतीरमण तिवारी थल सेना से सेवानिवृत्त हैं। उनकी अमेठी जिले के गौरीगंज थाने के बरना टीकर गांव में बाइक की एजेंसी है। उनका कहना है कि जुलाई 2021 में उनकी एजेंसी पर आकर लखनऊ के आशियाना थाने के एचआईजी सेक्टर आई एलडीए कॉलोनी निवासी प्रदीप द्विवेदी ने लखनऊ के बिजनौर मोहल्ले में मकान दिलाने की बात कही थी।
आरोप है कि रेवती रमण से प्रदीप द्विवेदी, उनकी पत्नी उमा द्विवेदी और संजय सिंह ने मकान दिलाने के एवज में 22 लाख रुपये ले लिए लेकिन मकान नहीं दिलाया था। काफी दिनों बाद भी रुपया न मिलने पर रेवती रमण ने 18 अक्तूबर 2022 को आरोपी प्रदीप द्विवेदी, उनकी पत्नी उमा द्विवेदी व संजय सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में गौरीगंज थाने में केस दर्ज कराया था।
पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। कोर्ट से जारी जमानती वारंट तामील होने के बाद भी आरोपी हाजिर नहीं हो रहे हैं। कोर्ट ने आरोपी प्रदीप द्विवेदी व उसकी पत्नी उमा द्विवेदी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने का आदेश दिया है। मामले में नामजद तीसरे आरोपी संजय सिंह की ओर से हाईकोर्ट के निर्देश पर दी गई डिस्चार्ज अर्जी पर सुनवाई होनी है।