सुल्तानपुर। 15 महीने पहले हुई हत्या के आरोप से जुड़े मामले में नामजद आरोपी हंसराज यादव और पवन यादव को गिरफ्तार कर पुलिस ने बुधवार की सीजेएम कोर्ट में पेश किया। रिमांड पर सुनवाई के दौरान आरोपी पवन यादव के अधिवक्ता ने पवन को बेकसूर बताया। उनके अधिवक्ता ने गत 11 फरवरी से पवन यादव को अवैध हिरासत में रखने का आरोप लगाते हुए अमेठी एवं गौरीगंज कोतवाली में लगे सीसीटीवी कैमरे की दो तिथियों की फुटेज सुरक्षित व तलब करने की मांग की।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नवनीत सिंह की अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों आरोपियों की मात्र तीन दिनों तक के लिए ही न्यायिक रिमांड स्वीकार की है। वहीं, कोर्ट ने सीसीटीवी फुटेज को लेकर दी गई अर्जी पर थाना प्रभारी से जवाब मांगा है। अदालत ने मामले में सुनवाई के लिए 21 फरवरी की तारीख तय की है।
गौरीगंज कोतवाली के पूरे खिचरन मजरे जगदीशपुर के रहने वाले वादी श्याम कुमार सिंह ने 16 अक्तूबर 2024 की घटना बताते हुए 20 नवंबर 2024 को स्थानीय कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया। आरोप के मुताबिक 16 अक्तूबर को स्थानीय कोतवाली के ग्राम रौजा के रहने वाले आरोपी हंसराज यादव अपने तीन अज्ञात साथियों के साथ आए। आरोपी उनके बेटे पवन सिंह को अपने साथ लेकर गए थे। लेकिन उसके बाद से उनका पुत्र नहीं लौटा। वादी ने अपने पुत्र पवन सिंह के साथ अनहोनी की आशंका व्यक्त करते हुए मामला दर्ज कराया। पुलिस सर्विलांस टीम की मदद से काल डिटेल रिपोर्ट व अन्य बिंदुओं पर मामले की जांच लंबे समय तक करती रही। फिलहाल पवन सिंह का शव बरामद नहीं हो सका है।