सुल्तानपुर। पावर कॉर्पोरेशन की ओर से संचालित एकमुश्त समाधान योजना की रफ्तार सुस्त पाई गई है। जिले में तीन लाख पांच हजार के मुकाबले अभी तक सिर्फ 11 हजार उपभोक्ताओं ने पंजीकरण कराया है।
ये ऐसे उपभोक्ता हैं जिनके बिल का ब्याज एक हजार रुपये से ऊपर है। समीक्षा में पंजीकरण सुस्त पाए जाने पर अधीक्षण अभियंता ने नाराजगी जताई है।
पावर कॉर्पोरेशन की ओर से निजी नलकूप व घरेलू उपभोक्ताओं का बकाया विद्युत बिल जमा कराने के लिए एकमुश्त समाधान योजना संचालित की जा रही है।
योजना के तहत पावर कॉर्पोरेशन की ओर से उपभोक्ताओं को पंजीकरण कराने व बकाया बिल जमा करने पर ब्याज की शत-प्रतिशत छूट दी जा रही है। आदेश के मद्देनजर विद्युत वितरण मंडल की ओर से बकाया बिजली बिल पर एक हजार रुपये से अधिक ब्याज वाले उपभोक्ताओं का पूरा विवरण निकाला गया है।
जिले में तीन लाख पांच हजार निजी नलकूप व घरेलू उपभोक्ता पाए गए हैं। इसके सापेक्ष अभी तक जिले की पंजीकरण की स्थिति बहुत खराब पाई गई है। जिले में अभी सिर्फ 11 हजार उपभोक्ताओं ने ही पंजीकरण कराया है।
इस पर अधीक्षण अभियंता ने नाराजगी जताते हुए अधिशाषी अभियंताओं, सहायक अभियंताओं व अवर अभियंताओं को क्षेत्र का भ्रमण करके पंजीकरण बढ़ाने का निर्देश दिया है। एससी के निर्देश पर शुक्रवार को अधिशाषी अभियंता द्वितीय अर्जुनराम ने कुड़वार, असरोगा उपकेंद्र क्षेत्र का भ्रमण किया।
उन्होंने सरकौड़ा गांव का भ्रमण कर उपभोक्ताओं से मुलाकात की। ग्रामीणों को एकमुश्त समाधान योजना का पत्रक देते हुए उन्हें योजना में पंजीकरण कराने के लिए प्रेरित किया। कहा कि 15 मार्च तक पंजीकरण कराने वाले उपभोक्ताओं को छूट का लाभ मिल सकेगा।
मार्च के बाद होगी कार्रवाई
अधीक्षण अभियंता धीरज सिन्हा ने कहा कि एकमुश्त समाधान योजना की मार्च में समीक्षा होगी। बकाया बिल कम जमा कराने वाले ऐसे एक्सईएन, एसडीओ व जेई के खिलाफ मार्च के बाद कार्रवाई होगी। बताया कि अधिकारियों को पंजीकरण बढ़ाने का निर्देश दिया गया है।