सुल्तानपुर। करौंदीकला विकास खंड की नरायनपुर नागनाथपुर ग्राम पंचायत के आरोपी प्रधान को अधिकारी बचाने में लगे हैं, लेकिन शिकायतकर्ता कार्रवाई कराने पर अड़ा है। मनरेगा में 4.52 लाख रुपये के सरकारी धनराशि का दुरुपयोग मिलने के बाद भी प्रधान पर कार्रवाई नहीं हुई और न ही सरकारी धनराशि की वसूली हो सकी। शिकायतकर्ता ने शुक्रवार को फिर डीएम को शपथ पत्र देकर जांच व कार्रवाई की मांग की है।
नरायनपुर नागनाथपुर गांव के विकास कार्यों में लाखों रुपये की गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए गांव निवासी राजेंद्र प्रसाद पांडेय की ओर से करीब साल भर से शिकायत की जा रही है। चार माह पहले की गई एक शिकायत पर मनरेगा में गड़बड़ी की जांच लोकपाल से कराई गई। लोकपाल की जांच में मनरेगा के एक कार्य में 4.52 लाख रुपये का दुरुपयोग मिला।
इसमें प्रधान, पंचायत सचिव समेत चार लोग संलिप्त मिले। लोकपाल की रिपोर्ट के बाद भी उपायुक्त मनरेगा ने कार्रवाई की संस्तुति नहीं की। कार्रवाई नहीं होने पर शिकायतकर्ता राजेंद्र प्रसाद पांडेय ने शुक्रवार को फिर डीएम से शपथ पत्र के साथ शिकायत करते हुए हैैंडपंप मरम्मत व रिबोर, ग्राम पंचायत भवन की मरम्मत में फर्जीवाड़ा करने का आरोप लगाया।
उपायुक्त मनरेगा अजीत कुमार सिंह ने बताया कि प्रधान पर एक हजार रुपये का अर्थदंड लगा दिया गया है। लोकपाल का स्पष्ट निर्देश नहीं मिला है।