सुल्तानपुर। अभी तक दूसरे जनपदों व राज्यों से आंगनबाड़ी के बच्चों, महिलाओं व किशोरियों के लिए आने वाली पंजीरी (पुष्टाहार) अब एनआरएलएम बनाएगा।
विभाग ने इसके लिए पांच विकास खंडों का चयन किया है। इन्हीं विकास खंडों से सभी परियोजनाओं के केंद्रों को पंजीरी की आपूर्ति होगी। इसकी जिम्मेदारी समूह की महिलाएं उठाएंगी।
आधी आबादी को आत्मनिर्भर बनाने के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के जरिए विकास विभाग नए रोजगार उपलब्ध करा रहा है।
शासन के निर्देश पर एनआरएलएम अब आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों व महिलाओं के लिए पंजीरी के उत्पादन में उतरेगा। शासन के बाद डीएम व सीडीओ की भी एनआरएलएम को हरी झंडी मिल गई है।
इसके लिए विभाग ने पांच विकास खंडों कादीपुर, जयसिंहपुर, बल्दीराय, दूबेपुर व लंभुआ का चयन किया है। इन ब्लॉकों पर विभाग पंजीरी बनाने वाली मशीन लगाएगा।
पंजीरी (पुष्टाहार) तैयार करके विभाग जिले की 14 परियोजनाओं के साथ शहर की परियोजना के आंगनबाड़ी केंद्रों को आपूर्ति करेगा। समूह की महिलाएं आंगनबाड़ी केंद्रों को पंजीरी उपलब्ध कराएंगी।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उसका वितरण बच्चों व महिलाओं में करेंगी। उपायुक्त एनआरएलएम जीतेंद्र मिश्र बताते हैं कि विभाग ने पांचों विकास खंडों का चयन कर लिया है। पंजीरी बनाने का काम महिला स्वयं सहायता समूह व संकुल संगठनों को सौंपा जाएगा। इसकी प्रक्रिया शुरू हो गई।
एफसीआई से मिलेगा राशन
पंजीरी का सूखा राशन व अन्य सामाग्री शासन की ओर से उपलब्ध कराई जाएगी। गेहूं, चना को सीधे एफसीआई से लेगा।
अन्य सामाग्री थोक में बाजार से शासन उपलब्ध कराएगा। राशन व अन्य सामाग्री से समूह की महिलाएं पंजीरी तैयार करते हुए उसका पैकेट बनाएंगी। इसके बाद उसकी आपूर्ति की जाएगी।
पंजीरी बनने के बाद बंद होगा सूखा राशन
उपायुक्त एनआरएलएम जीतेंद्र मिश्र ने बताया कि अभी समूह की महिलाओं की ओर से आंगनबाड़ी केंद्रों को सूखा राशन दिया जा रहा है।
पंजीरी का उत्पादन शुरू होने के बाद सूखा राशन का वितरण बंद हो जाएगा। पंजीरी उत्पादन से समूह की महिलाओं को रोजगार मिल सकेगा और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगी।