सुल्तानपुर। बल्दीराय के अरवल गांव में छह दिन पूर्व झोलाझाप के ऑपरेशन से हुई जच्चा-बच्चा की मौत मामले में सीएमओ ने बल्दीराय के सीएचसी अधीक्षक को उनके पद से हटा दिया। पूरे मामले में आरोपी एएनएम के पति का नाम प्रकाश में आने पर उसका भी स्थानांतरण कर दिया गया है।
बल्दीराय के पूरे मल्लाहन का पुरवा गांव निवासी राजाराम कोरी की पत्नी पूनम (35) को मंगलवार की शाम प्रसव पीड़ा होने पर परिवारीजनों ने डीह गांव के एएनएम सेंटर ले गए। आरोप है कि एएनएम के पति ने पूनम को अरवल गांव स्थित मां शारदा जच्चा-बच्चा केंद्र में भर्ती करा दिया।
उसी दिन रात में नर्सिंग होम में पूनम का ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के दौरान ही बच्चे की मौत हो गई और पूनम की हालत बिगड़ गई तो नर्सिंग होम संचालक व अन्य लोग एंबुलेंस से ट्रॉमा सेंटर, लखनऊ ले जा रहे थे कि रास्ते में उसकी मौत हो गई थी।
पुलिस ने दूसरे दिन राजाराम की तहरीर परमां शारदा जच्चा-बच्चा केंद्र के संचालक राजेश कुमार, कथित चिकित्सक राम प्रसाद शुक्ल, एंबुलेंस चालक अरुण मिश्रा और एएनएम सेंटर डीह की एएनएम रूबी के पति के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया।
पुलिस ने राजेश कुमार, राम प्रसाद शुक्ल और अरुण को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में एसपी का पत्र मिलने के बाद सीएमओ ने एसीएमओ से जांच कराई जिसमें प्रथम दृष्ट्रया बल्दीराय सीएचसी प्रभारी डॉ. राजेश प्रजापति और एएनएम को दोषी पाया।
सोमवार को सीएमओ डॉ. डीके सिंह ने बल्दीराय सीएचसी अधीक्षक डॉ. राजेश हटाते हुए डॉ. सचिन को सीएचसी अधीक्षक बनाया है। एएनएम रूबी का स्थानांतरण धनपतगंज सीएचसी पर कर दिया है।
अवैध नर्सिंग होमों की सीएचसी अधीक्षक को होनी चाहिए थी जानकारी: सीएमओ
सीएमओ डॉ. डीके त्रिपाठी ने बताया कि बल्दीराय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. राजेश प्रजापति को क्षेत्र में चल रहे अवैध नर्सिंग होम की जानकारी होनी चाहिए थी लेकिन ऐसा नहीं हुआ इसलिए उन्हें पद से हटा दिया गया है।
दूसरी तरफ एएनएम रूबी को सरकारी एंबुलेंस से महिला को अस्पताल भेजना चाहिए था लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। इसलिए उसे धनपतगंज सीएचसी स्थानांतरित कर दिया गया है।