अमेठी। मिड डे मील योजना के तहत कक्षा एक से आठ तक में पढने वाले बच्चों के लिए दोपहर का भोजन नहीं बनवाना 90 स्कूल प्रधानाध्यापकों को भारी पड़ सकता है। बीएसए ने लापरवाही के आरोपी प्रधानाध्यापकों से जवाब तलब करते हुए संतुष्ट नहीं होने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश व शासन के निर्देश पर जिले के 1,849 विद्यालयों (स्कूलों में 1,770 परिषदीय) में कक्षा एक से आठ तक में पढने वाले करीब डेढ़ लाख बच्चों को मध्याह्न भोजन योजना के तहत दोपहर की छुट्टी में भोजन दिया जाता है।
इसके लिए मौजूदा समय सभी विद्यालयों के पास राशन का पर्याप्त स्टॉक होने के साथ ही खाते में कन्वर्जन कॉस्ट भी है। बावजूद इसके विभाग ने दिसंबर माह में 90 ऐसे विद्यालयों को सूचीबद्ध किया, जिनमें लगातार तीन दिन तक बच्चों को दोपहर का भोजन नहीं दिया गया।
इन 90 स्कूलों में से 28 के प्रधानाध्यापकों ने तो दैनिक अनुश्रवण प्रणाली पर इसकी संक्षिप्त सूचना दी जबकि 62 ने सूचना देना भी मुनासिब नहीं समझा। प्रधानाध्यापकों की ओर से बरती गई लापरवाही सामने आने के बाद बीएसए विनोद कुमार मिश्र ने सभी 90 स्कूलों के प्रधानाध्यापकों से जवाब तलब किया है।
डीसी एमडीएम अरुण कुमार त्रिपाठी की मानें तो अमेठी के एक, बहादुरपुर के दो, गौरीगंज के चार, जगदीशपुर के सात, जामों के दो, मुसाफिरखाना के तीन, शाहगढ़ के चार और तिलोई के पांच विद्यालयों ने दैनिक अनुश्रवण प्रणाली पर स्कूल में लगातार तीन दिन एमडीएम नहीं बनवाने की सूचना दी है। अन्य 62 स्कूल प्रधानाध्यापकों ने सूचना ही नहीं दी।