वोकेशनल ट्रेनिंग सेंटर के नाम पर तिलोई के जायस में सरकारी भूमि हथियाने के मामले में राजीव गांधी चेरिटेबल ट्रस्ट और राजीव गांधी महिला विकास परियोजना को हाईकोर्ट के आदेश के क्रम में शनिवार को एसडीएम तिलोई ने पुन: अंतिम नोटिस जारी किया है। नोटिस में 15 दिन के अंदर समुचित अभिलेखीय जवाब नहीं मिलने पर भूमि से बेदखल किए जाने का अल्टीमेटम दिया गया है।
गांधी परिवार की ओर से संचालित राजीव गांधी चेरिटेबल ट्रस्ट ने डेढ़ दशक पूर्व जायस में बांदा-टांडा राष्ट्रीय राजमार्ग पर 1.0306 हेक्टेयर सरकारी भूमि वोकेशनल ट्रेनिंग सेंटर के नाम पर ली थी। स्थानीय भाजपाइयों की शिकायत पर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने जिला प्रशासन से शिकायत कर कहा था कि वोकेशनल ट्रेनिंग सेंटर के नाम पर ली गई जमीन अन्य कार्य में इस्तेमाल की जा रही है जो गैरकानूनी है।
लिहाजा पूर्व में विद्यालय के नाम आरक्षित रही इस भूमि पर से ट्रस्ट का स्वामित्व समाप्त किया जाए। बीते दिनों अमेठी आईं स्मृति ने एक बार फिर डीएम को बुलाकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने व भूमि पर चल रही राजीव गांधी महिला विकास परियोजना से जुड़ी गतिविधियां बंद कराने का निर्देश दिया था।
इसके बाद जांच शुरू हुई तो पता चला कि राजीव गांधी ट्रस्ट ने जमीन लेने के बाद इसे पहले मनुज कल्याण केंद्र हरियाणा और बाद में राजीव गांधी महिला विकास परियोजना को दी। इसे अनुचित मानते हुए समय-समय पर कई नोटिस जारी हुए।
नोटिसों का जवाब देने के बजाय राजीव गांधी महिला विकास परियोजना के निर्देश पर विकास ब्लॉक महिला समूह ने हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में अपील कर प्रशासन की ओर से की जा रही जांच व कार्रवाई को रोकने की गुहार लगाई थी।
हाईकोर्ट ने 18 मई को दिए गए फैसले में एसडीएम तिलोई को एक माह के भीतर मामला निस्तारित करने का आदेश दिया था। इसी आदेश के क्रम में शनिवार को एसडीएम तिलोई डॉ. अशोक कुमार शुक्ल ने राजीव गांधी महिला विकास परियोजना व विकास ब्लॉक महिला समूह को अंतिम नोटिस जारी कर 15 दिन के भीतर ऐसे अभिलेख तलब किए हैं, जिसमें वोकेशनल ट्रेनिंग केंद्र संचालित किए जाने की विधिक अनुमति दी गई हो। साथ ही जमीन से जुड़े प्राधिकार पत्र /विक्रय पत्र/ अनुबंध पत्र/ लीज डीड भी तलब की गई है।