आंधी ने शुक्रवार रात जिले की बिजली व्यवस्था ध्वस्त कर दी है। दो दिन लगातार आंधी से जिले के ग्रामीणांचल में हाईटेंशन समेत लो-वोल्टेज की लाइनों के करीब 200 पोल व तार टूट कर गिर गए हैं। तार व पोल पर पेड व डाल गिरने से लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई हैं।
इसकी चपेट में आने से ग्रामीण क्षेत्रों के 23 विद्युत उपकेंद्र बंद हो गए हैं। आंधी में विद्युत वितरण खंड को करीब 15 लाख रुपये का नुकसान पहुंचा है। सुबह से विद्युत वितरण खंड ने 33 हजार वोल्ट की लाइनों का मरम्मत कार्य शुरू कराकर उपकेंद्रों को चालू करने का दावा किया है लेकिन अभी अधिकतर फीडर बंद हैं।
फीडर बंद होने से करीब 12 लाख की आबादी अंधेरे में है। बृहस्पतिवार के बाद शुक्रवार को भी देर रात आई आंधी से जिले की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। लगातार दो दिनों की आंधी में तार व पोल पर पेड़ व डाल गिरने से करीब 200 विद्युत पोल व तार टूट गए हैं।
33 हजार वोल्ट की लाइन का तार टूटने से जिले के ग्रामीण अंचल के 22 उपकेंद्र बंद हो गए। 11 हजार वोल्ट की लाइन का तार टूटने से उपकेंद्र के अधिकांश फीडर भी ठप हो गए हैं। फीडर से गांवों को जाने वाली लाइन भी प्रभावित हुई है। सड़क पर पेड़ व डाल गिरने से आवागमन भी प्रभावित हुआ है।
सुबह से विद्युत वितरण खंड ने कार्य शुरू कराकर कई उपकेंद्रों को चालू करवाने का दावा किया है लेकिन अधिकतर फीडर अभी नहीं चालू हो सके हैं। फीडर व ग्रामीण क्षेत्र की लो-वोल्टेज लाइन नहीं दुरुस्त होने से करीब 12 लाख आबादी बिना बिजली रही है। आंधी से वितरण खंड को करीब 15 लाख रुपये का नुकसान पहुंचा है।
मोतिगरपुर के शाहपुर लपटा गांव के पास शुक्रवार देर रात आंधी से एक पेड़ टूटकर लखनऊ-बलिया राजमार्ग पर गिर पड़ा। इससे 12 घंटे तक यातायात बाधित रहा। शनिवार दोपहर पुलिस कर्मियों ने पेड़ को कटवाकर राजमार्ग से हटवाया तब जाकर यातायात बहाल हो सका।
मोतिगरपुर स्थित बिंदवन गांव में शिव मंदिर के पास एक नीम का पेड़ था। शुक्रवार रात आंधी से नीम का पेड़ टूटकर मंदिर पर गिर पड़ा। पेड़ गिरने से मंदिर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। ग्रामीणों ने मंदिर से मलबे को हटाया।
अधिशासी अभियंता बालकृष्ण ने बताया कि दो दिनों की आंधी में तार व पोल टूटने से करीब 15 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। ग्रामीण क्षेत्र के अधिकतर उपकेंद्र बंद हो गए थे। 33 हजार वोल्ट की लाइनों की मरम्मत कराकर देर शाम तक करीब सभी उपकेंद्र चालू कर दिए गए। फीडरों की मरम्मत का कार्य चल रहा है। पहले जैसी व्यवस्था होने में करीब पांच दिन लगेंगे।