अमेठी। महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्यक्रम में लापरवाही बरतना जिले के सभी खंड विकास अधिकारियों को भारी पड़ा। मनरेगा में बरती जा रही लापरवाही से नाराज सीडीओ के निर्देश पर परियोजना निदेशक ने सभी को कारण बताओ नोटिस जारी की है। नोटिस में सात दिन में मनरेगा में अपेक्षित प्रगति के साथ जवाब देने का निर्देश दिया गया है।
केंद्र सरकार की ओर से संचालित महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गांरटी योजना के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतना जिले के सभी खंड विकास अधिकारियों को भारी पड़ा। 30 अक्टूबर को सीडीओ प्रभुनाथ ने मनरेगा के तहत प्रस्तावित व संचालित कार्यों के साथ ही अन्य विंदुओं की समीक्षा तो जिले में योजना की प्रगति संतोषजनक नहीं मिली।
बीडीओ की ओर से कार्यक्रम क्रियान्वयन में बरती जा रही लापरवाही को इसकी वजह माना गया। महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्यक्रम में बीडीओ की ओर से बरती जा रही लापरवाही से नाराज सीडीओ के निर्देश पर परियोजना निदेशक ग्राम्य विकास आशुतोष दुबे ने सभी बीडीओ को कारण बताओ नोटिस जारी की है।
नोटिस में योजना के तहत मानव दिवस सृजन, श्रमिकों को 100 दिन का रोजगार प्रदान करने, व्यक्तिगत लाभार्थी के कार्यों हेतु जनरेट आईडी पर ई-मस्टर रोल निर्गत करने, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के परिवार को 90 दिन का रोजगार मुहैया कराते हुए ई-मास्टर रोल निर्गत करने समेत अन्य निर्देश दिया है।
इसमें जियो टैगिंग शत प्रतिशत पूर्ण करने, अपूर्ण कार्यों को तत्काल पूरा करने तथा रिजेक्टेड ट्रांजेक्शन एवं अवशेष जिम्मेदारी को निभाते हुए जवाब देने को कहा गया है। परियोजना निदेशक ने योजना में अपेक्षित सुधार नहीं होने तथा जवाब से संतुष्ट नहीं होने की दशा में कार्रवाई की चेतावनी दी है।