जिले में 2447 स्कू लों में एमडीएम व्यवस्था संचालित है। बीते साल में शासन के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग ने 40 विद्यालयों में एमडीएम की सैंपलिंग की थी। लैब की टेस्टिंग रिपोर्ट में एक भी नमूना फेल नहीं हुआ।
प्रदेश सरकार की ओर से समय-समय पर विद्यालयों में संचालित मध्याह्न भोजन योजना की गुणवत्ता परखने के लिए औचक निरीक्षण कराया जाता है।
शासन के निर्देश पर जिले की खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग की ओर से साल भर में 40 विद्यालयों में पके पकाए भोजन की गुणवत्ता जांचने के लिए नमूने लिए गए थे। विभाग की डीओ एके सिंह ने बताया कि जांच के दौरान लिए गए सैंपल को टेस्टिंग के लिए लैब भेजा गया था।
किसी भी नमूने को लैब से फेल घोषित नहीं किया गया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रमेश यादव ने बताया कि एमडीएम की गुणवत्ता बरकरार रखने के लिए संबंधित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को समय-समय पर निर्देशित किया जाता है। जिले में कोई भी ऐसा विद्यालय नहीं है, जहां एमडीएम की व्यवस्था लागू हो और उसका संचालन न हो रहा हो। एमडीएम के संचालन में लापरवाही पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।