राज्य वित्त एवं चौदहवें वित्त आयोग की एक भी ग्राम पंचायतों की कार्ययोजना अभी तक मंजूर नहीं हो सकी है। कार्ययोजना स्वीकृत नहीं होने से तकरीबन साल भर से जिले के 986 ग्राम पंचायतों में कार्य ठप है। कार्य नहीं होने से दोनों वित्त आयोग की धनराशि खर्च नहीं हो पा रही है। प्रकरण में पंचायतराज विभाग अभी तक कोई कार्रवाई नहीं कर सका है।
राज्य वित्त एवं चौदहवें वित्त आयोग की धनराशि से कराने वाले कार्यों की कार्ययोजना जिले की एक भी ग्राम पंचायत में अभी तक मंजूर नहीं हो सकी है। इस कारण जिले में बनी सभी 986 ग्राम पंचायतों में राज्य वित्त एवं चौदहवें वित्त आयोग की धनराशि से कराया जाने वाला काम ठप है। काम न होने से दोनों वित्त आयोगों की धनराशि डंप है।
हालांकि पंचायतराज विभाग ने पंचायतों को शासन के निर्देश के अनुरूप कार्ययोजना तैयार कर उसे निर्धारित सॉफ्टवेयर प्लान प्लस पर डालने का निर्देश दिया था। इसके बाद भी तकरीबन साल भर प्लान प्लस पर कार्ययोजना अभी तक तैयार नहीं हुई है। मजे की बात यह है कि कार्ययोजना तैयार करने एवं उसे मंजूर कराने में लापरवाही करने वालों के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।