सुल्तानपुर। सहालग के चलते रोडवेज बसों में यात्रियों की भीड़ बढ़ी है। हाईवे पर बनाए गए बस स्टॉप पर सुविधाओं की हकीकत कुछ और ही है। यहां पर बसों का ठहराव तय है, लेकिन यात्रियों के लिए न छांव है और न बैठने की कोई उचित व्यवस्था।
लखनऊ-वाराणसी हाईवे पर अलीगंज, अमहट, पयागीपुर, भदैंया, लंभुआ और चांदा में रोडवेज बसें रुकती हैं, लेकिन यहां टिन शेड का अभाव है। यही हाल अयोध्या-प्रयागराज हाईवे के कटका खानपुर और कूरेभार बाजार का भी है। दोपहर की तेज धूप में यात्री बस का इंतजार करते मिले। कुछ लोग दुकानों और पेड़ों की छांव में खड़े होकर छांव तलाशते दिखे। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को सबसे ज्यादा दिक्कत उठानी पड़ रही है।
ठहराव भी अनिश्चित, बढ़ रही दूरी
चांदा चौराहे पर स्थिति और खराब है। यहां बस स्टॉप होने के बावजूद रोडवेज बसें अक्सर बिना रुके निकल जाती हैं। जिससे कोथरा, आनापुर और नारायणगंज के लोगों को चार से छह किमी अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। स्थानीय लोगों ने बताया कि धूप में इंतजार के बाद भी बस न रुकना बड़ी समस्या है।
यात्रियों की जुबानी
अजय गिरि, पिंटू दुबे और राजेंद्र कुमार ने बताया कि मजबूरी में दुकानों में खड़े होकर बस का इंतजार करना पड़ता है। कई बार बसें नहीं रुकतीं, जिससे समय और पैसा दोनों खर्च होता है।
जल्द बनेगा यात्री शेड
एआरएम सुरेश चंद्र यादव ने बताया कि जिन स्थानों पर बसों का ठहराव है, वहां यात्री शेड निर्माण के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा। जल्द ही सुविधाएं बेहतर करने का प्रयास किया जाएगा।