अकालतख्त मामले से नहीं लिया सबक
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रेलवे स्टेशन अकबरगंज पर अकालतख्त एक्सप्रेस में बम मिलने की घटना के बाद रेलवे प्रशासन की ओर से हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। बावजूद इसके सुल्तानपुर से लेकर निहालगढ़ स्टेशन तक सुरक्षा व्यवस्था के तहत जीआरपी का एक भी जवान मुस्तैद नजर नहीं आया।
बुधवार रात अकबरगंज रेलवे स्टेशन पर हावड़ा से अमृतसर जा रही अकालतख्त एक्सप्रेस के थर्ड एसी कोच में बम मिला था। ट्रेन को लूप लाइन पर रोककर आरपीएफ व लोकल पुलिस ने कोच से यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। बम निष्क्रिय करने के बाद बीडीएस टीम ने सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया। एटीएस के साथ अन्य एजेंसियों ने सुरक्षा व्यवस्था के एक-एक पहलू को खंगाला। छह घंटे बाद बृहस्पतिवार सुबह सघन तलाशी के बाद ट्रेन रवाना की गई थी।
इसके बाद रेलवे प्रशासन की ओर से सभी स्टेशनों पर अलर्ट घोषित कर दिया गया। बृहस्पतिवार को रेलवे प्रशासन की ओर से जारी किए अलर्ट का असर शुक्रवार को नहीं दिखाई दिया। सुल्तानपुर जीआरपी थाने से एक भी पुलिस कर्मी निहालगढ़ स्टेशन तक नहीं पहुंचा। सुरक्षा व्यवस्था के तहत निहालगढ़ स्टेशन पर कोई भी इंतजाम नहीं दिखा। स्टेशन परिसर में ट्रेनों के आवागमन के दौरान लावारिस वस्तुएं पड़ी रहीं। इस पर किसी ने ध्यान ही नहीं दिया।
भीड़-भाड़ के समय भी किसी सुरक्षा कर्मी ने स्टेशन परिसर में जांच करना मुनासिब नहीं समझा। आरपीएफ चौकी पर मौजूद कांस्टेबल अशोक यादव व सगीर खां ने बताया कि उन लोगों की ओर से ट्रेनों के पहुंचने के समय जांच की गई जबकि जीआरपी का एक भी जवान नहीं पहुंचा। जीआरपी थानाध्यक्ष सूबेदार यादव ने बताया कि थाने से निहालगढ़ जाने के लिए कविंद्रेश यादव व चंद्रशेखर यादव की ड्यूटी लगाई गई थी। स्टेशन अधीक्षक बीएस मीना ने बताया कि अकालतख्त एक्सप्रेस में बम मिलने की सूचना के बाद शुक्रवार को दिन भर जीआरपी का कोई भी सिपाही स्टेशन पर नहीं दिखाई दिया और न ही सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कोई सूचना ही मिली।