वाइस ऑफ इंडिया किड्ज के ग्रैंड फिनाले में जीतकर संगीत की दुनिया में अपनी धाक जमाने वाली निष्ठा शर्मा जीत में मिले पैसे से अपने निशक्त पिता व गुरु के पैर का इलाज कराएंगी। फिलहाल मुंबई में रहकर संगीत के क्षेत्र और आगे जाने की तमन्ना है। सोमवार को मुंबई से फोन पर हुई बातचीत के दौरान निष्ठा ने अमर उजाला से मन की बात साझा की। प्रस्तुत है
सवाल- कार्यक्रम में हिस्सा लेने मुंबई पहुंची तो कैसा लगा था?
जवाब- खुशी तो थी लेकिन अंदर से बहुत डर लग रहा था। कुल 93 लोग थे लेकिन मुझे अपनी मेहनत व ईश्वर पर भरोसा था।
सवाल- कौन साथ गया था। माता पिता ने किस तरह का संबल दिया?
जवाब- मां गीता शर्मा और मामा मुझे साथ लेकर मुंबई पहुंचे थे। पिता व गुरु जयप्रकाश शर्मा नहीं जा सके लेकिन उन्होंने कहा था बेटा डरना नहीं। हौसला रखना सब अच्छा होगा। मम्मी बराबर हौसला बढ़ाती रहीं।
सवाल- एक के बाद एक सीढ़ी आगे बढ़ने लगीं तो कैसा महसूस हुआ?
जवाब- कार्यक्रम में पहले दिन ज्यादा डर लगा। बाद में एक के बाद एक कार्यक्रम व लाइव शो में पास होती गई तो कांफिडेंस बढ़ता गया। बहुत अच्छा लगने लगा। कार्यक्रम में लगे लोग हौसला बढ़ाते रहे।