खैरहा व दियरा में शनिवार दोपहर एक जंगली सुअर हिंसक हो गया। घनी आबादी में घुसे जंगली सुअर ने खैरहा गांव में तीन व दियरा गांव में छह लोगों को काटकर जख्मी कर दिया। घायलों को सीएसची पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने महिला समेत तीन लोगों की हालत नाजुक देख जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
ग्रामीणों ने जंगली सुअर को घेरकर मार डाला। मोतिरगपुर थाना क्षेत्र के खैरहा गांव निवासी रमेश की पत्नी मीना देवी (36) घर के सामने स्थित खेत में काम करने गई थीं। तभी अचानक एक जंगली सुअर ने उस पर हमला बोल दिया।
सुअर ने उन्हें काटकर जख्मी कर दिया। मीना के शोर मचाने पर कुछ दूर खड़े गांव निवासी शत्रुघ्न (32), महेंद्र (11) पुत्र राजदेव उसे बचाने दौड़े। जंगली सुअर उन पर भी हमलावर हो गया। जंगली सुअर ने दोनों को बुरी तरह काट लिया। शोर मचाने पर जब तक गांव वाले मौके पर पहुंचते सुअर वहां से भाग निकला।
खैरहा गांव से निकला आक्रामक सुअर दियरा कस्बे में स्थित एक दुकान के पास जा पहुंचा। दुकान पर मौजूद लोगों पर उसने हमला बोल दिया। यह देख लोग शोर मचाते हुए भागने लगे। आक्रामक सुअर ने दियरा बाजार निवासी राजकुमार, इस्लाम व इदरीश को काट लिया।
उन्हें बचाने दौड़े इस्लाम के पुत्र असलम व पड़ोस के नसीरुद्दीन को भी सुअर ने निशाना बनाया। सुअर के हमले से घायल लोगों को मोतिगरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां मीना देवी, महेंद्र कुुमार व शत्रुघ्न की गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
खैरहा गांव के आसपास का इलाका गोमती नदी के किनारे है। नदी का तटवर्ती क्षेत्र होने के नाते जंगली सुअर आसानी से भाग लेते हैं। पूर्व प्रधान मगन निषाद ने बताया कि इन दिनों जंगली सुअर क्षेत्र में आलू व शकरकंद की खेती को काफी नुकसान पहुंचा रहे हैं।
वन विभाग के अधिकारियों से कई बार शिकायत की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके पहले भी सुअरों ने कई लोगों को घायल किया है। स्थानीय वन क्षेत्राधिकारी नंद किशोर ने बताया कि जंगली सुअर के उत्पात की शिकायत मिलती रहती है। सुअरों को भगाने का प्रयास किया जाएगा। वैसे जंगली सुअर को मारने से पहले ग्रामीणों को वन विभाग से अनुमति लेनी चाहिए।