बड़ी संख्या में दुधारू पशुओं की मौत से पशुपालकों में हड़कंप मचा है। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची चिकित्सकों की टीम ने संक्रमित पशुओं का इलाज शुरू कर दिया है।
स्थानीय विकास क्षेत्र के ग्राम पंचायत मलवा के राजस्व गांव करौंदी में बीते 19 नवंबर को सबसे पहले हरीराम प्रजापति की दो दुधारू भैंसें फ्ल्यूरो निमोनिया नामक संक्रमित बीमारी की चपेट में आईं। 14 से 15 घंटे के भीतर दोनों भैंस की मौत हो गई।
इसके बाद गांव के अमरनाथ प्रजापति की एक भैंस, रामसिंह की एक भैंस, मलवा गांव के ही राधेश्याम सिंह की एक गाय की मौत हो गई है। अधिकतर पशुपालक झोलाछाप डॉक्टरों से इलाज कराते रहे। इसके बावजूद किसी ने इसकी सूचना जिम्मेदारों को नहीं दी।
बुधवार की रात एक बार फिर फ्ल्यूरो निमोनिया की वजह से हरीराम वर्मा के दो पड़वे, रघुनाथ की दो दुधारू भैंस व पास के गांव हमजाबाद के दयाशंकर की एक भैंस की मौत हो गई। पशुपालकों की सूचना पर ढेमा के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राजेश वर्मा टीम के साथ पहुंचे।
उन्होंने जांच में फ्ल्यूरो निमोनिया नामक संक्रमित बीमारी की पुष्टि की। वहीं विधायक अरुण वर्मा ने भी गांव पहुंच संक्रमित मवेशियों के इलाज का दायित्व टीम को सौंपा।