हलियापुर (सुल्तानपुर)। गौरा परानी गांव में गलाघोंटू (डिप्थीरिया) बीमारी की चपेट में आने से पीड़ित दुधमुंही बच्ची की रविवार को मौत हो गई जबकि एक अन्य बच्ची इसी रोग से पीड़ित है। एक के बाद एक हो रही मौतों से ग्रामीणों में दहशत है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन ने गांव में चिकित्सकों के कैंप करने की मांग की है।
हलियापुर थाना क्षेत्र के गौरा परानी गांव निवासी हरखराज दुबे के तीन वर्षीय बेटे करन को बीते 10 अगस्त को गला में तेज दर्द उठा तो परिवारीजन उसे 11 अगस्त को लेकर ट्रॉमा सेंटर लखनऊ जा रहे थे कि रास्ते में ही उसकी मौत हो गई थी। गले में सूजन और दर्द की चपेट में गांव के ही ह्रदयराम गुप्ता का साढ़े तीन वर्षीय बेटा मनोज और एक वर्षीय बेटी माधुरी भी आ गई थी। परिवारीजनों ने मनोज को ट्रॉमा सेंटर लखनऊ में भर्ती कराया था, जहां चिकित्सकों की जांच रिपोर्ट में इसकी पुष्टि हुई की मनोज को डिप्थीरिया (गलाघोंटू) है।
21 अगस्त को मनोज की ट्रॉमा सेंटर लखनऊ में मौत हो गई थी। रविवार को माधुरी की भी मौत हो गई। गांव निवासी प्रेम प्रकाश सिंह की दो वर्षीय अल्पना भी गलाघोंटू की चपेट में आ गई है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से चिकित्सकों की टीम गांव में कैंप करने की मांग की है।