सुल्तानपुर। ब्लड जांच की रिपोर्ट में प्लेटलेट्स कम बताए जाने और अगले ही दिन दूसरी जांच में सामान्य मिलने के मामले में उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने पैथोलॉजी की लापरवाही मानी है। आयोग ने पैथोलॉजी का बीमा करने वाली न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी, मेरठ को परिवादी को पांच हजार रुपये क्षतिपूर्ति और 500 रुपये वाद व्यय अदा करने का आदेश दिया है। समय से भुगतान न करने पर छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा।
कोतवाली देहात क्षेत्र के सराय अचल गांव निवासी पुष्पावती पुष्पा सिंह ने तीन अक्तूबर 2022 को शहर के प्रधान डाकघर के पास स्थित खत्री पैथोलॉजी में सीबीसी और सीआरपी जांच कराई थी। रिपोर्ट में प्लेटलेट्स कम दर्शाए गए। इसके अगले दिन चार अक्तूबर को लखनऊ के तत्कालीन सहारा हॉस्पिटल में दोबारा जांच कराई गई तो प्लेटलेट्स सामान्य मिलीं।
रिपोर्ट में अंतर आने के बाद पुष्पावती ने दो नवंबर 2022 को उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में वाद दायर किया। सुनवाई के बाद आयोग के अध्यक्ष राम लखन सिंह चंद्रौल और सदस्य भारत भूषण तिवारी ने खत्री पैथोलॉजी की सेवा में लापरवाही मानी। आयोग ने पैथोलॉजी का बीमा करने वाली न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी को परिवादी को निर्धारित धनराशि देने का आदेश दिया है। पुष्पावती पुष्पा सिंह ने 2 नवंबर 2022 को उपभोक्ता आयोग में मामला दाखिल किया था। सुनवाई के बाद आयोग ने पैथोलॉजी की लापरवाही मानते हुए बीमा कंपनी को भुगतान का जिम्मा सौंपा।