चैत्र नवरात्र को लेकर देवी मंदिर सजने लगे हैं। मंगलवार को देवी मंदिरों की साफ-सफाई कर रंग-रोगन का काम किया गया। देवी मंदिरों पर शुक्रवार से देवी दुर्गा के पूजन की धूम शुरू होगी। नवरात्र को लेकर बाजार भी गुलजार हो गए हैं।
चैत्र नवरात्र इस बार शुक्रवार से शुरू हो रहा है। नवरात्र के समय देवी मंदिरों समेत अन्य देवालयों पर भक्तों की भीड़ उमड़ती है। शहर के सीताकुंड, मां काली मंदिर शाहगंज, नयना माता मंदिर व लोहरामऊ स्थित देवी मंदिरों पर साफ-सफाई एवं रंग-रोगन का कार्य किया गया। नवरात्र तक देवी मंदिरों को सजा दिया जाएगा। चैत्र नवरात्र को लेकर मंगलवार को बाजार गुलजार दिखे। चौक इलाके में दिन भर भीड़ रही।
आस्था का केंद्र बना काली माता मंदिर
सुल्तानपुर। पौराणिक महत्व समेटे नगर के शाहगंज मोहल्ला स्थित अति प्राचीन मां काली व शीतला माता का मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। मंदिर का इतिहास काफी पुराना है। इसके बारे में लोग बताते हैं कि पूर्व में यहां स्थित नीम के पेड़ से दोनों देवियों की मूर्तियां स्वत: प्रकट हुई थीं। 11 जुलाई 2008 को मंदिर को भव्यता प्रदान की गई तथा यहां चारों धाम के सभी देवी-देवताओं की मूर्तियां स्थापित की गईं। वैसे तो पूरे वर्ष यहां श्रद्धालुओं का जमघट रहता है, लेकिन नवरात्र पर विशेष पूजा-अर्चना होती है और दूर-दराज से लोग मां के दर्शन कर मन्नत मांगने आते हैं।
सुबह-शाम लगती भक्तों की कतार
सुल्तानपुर। शहर के रुद्र नगर मोहल्ला स्थित नयना माता मंदिर अपनी भव्यता व आकर्षण के लिए प्रसिद्ध है। इस मंदिर की स्थापना करीब छह वर्ष पूर्व हुई थी। मौजूदा समय में यहां होने वाली विशेष पूजा व आराधना में काफी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। खास तौर पर नवरात्र में यह मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था व श्रद्धा का केंद्र रहता है। मान्यता है कि जो भक्त नयता माता का दर्शन पूरी आस्था व श्रद्धा से करते हैं, मां उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं। नवरात्र में यहां पूरे नौ दिन दुर्गा सप्तशती का पाठ, कन्या भोज व हवन-पूजन का कार्यक्रम चलता है। मंदिर में पूरे वर्ष सुबह व शाम होने वाली विशेष आरती में सैकड़ों महिला व पुरुष श्रद्धालु शामिल होते हैं।