सुल्तानपुर। परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों के लिए अब केवल परीक्षा परिणाम घोषित करना ही काफी नहीं होगा। नयी व्यवस्था के तहत, कक्षा पांच और आठ उत्तीर्ण करने वाले प्रत्येक विद्यार्थी का अगली कक्षा में दाखिला सुनिश्चित करना भी अब प्रधान शिक्षकों की जिम्मेदारी होगी।
छात्र का अगली कक्षा में प्रवेश होने के बाद ही उसका विवरण प्रेरणा पोर्टल पर अपडेट किया जाएगा। प्रवेश सुनिश्चित होने तक छात्र का नाम पुरानी कक्षा से नहीं हटाया जाएगा। जिले के 2065 परिषदीय विद्यालयों में यह व्यवस्था स्कूल छोड़ने वाले बच्चों (ड्रॉपआउट) की संख्या कम करने के लिए लागू की गई है। यदि कोई छात्र आगे प्रवेश नहीं लेता है, तो संबंधित शिक्षक को उसके घर जाकर अभिभावकों की काउंसलिंग करनी होगी और उन्हें शिक्षा के महत्व के बारे में समझाते हुए दाखिला कराना होगा।
अब तक शिक्षक केवल ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) देकर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान लेते थे, लेकिन अब उन्हें प्रवेश की पूरी प्रक्रिया पर नजर रखनी होगी। हालांकि, शिक्षकों का मानना है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बच्चों की आगे की पढ़ाई के लिए प्रेरित करना उनके लिए चुनौती साबित होगा।
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दाखिला दिलाना प्रधानाध्यापक की जिम्मेदारी
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी उपेंद्र गुप्ता ने बताया कि कक्षा एक से पांच तक के छात्रों के लिए प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक और कक्षा छह से आठ तक के लिए जूनियर हाईस्कूल के प्रधानाध्यापक सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगे। उन्होंने निर्देश दिया है कि हर हाल में छात्रों का अगली कक्षा में प्रवेश सुनिश्चित कराकर उसका विवरण पोर्टल पर अपडेट करना अनिवार्य है।