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Sultanpur News: ढाई साल बाद स्वास्थ्य विभाग को मिली टिटनेस की दस हजार डोज

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गौरीगंज (अमेठी)। ढाई साल बाद जिले को टिटनेस वैक्सीन की दस हजार डोज मिली हैं। जुलाई 2020 से जिले को वैक्सीन की आपूर्ति नहीं की गई थी। सरकारी अस्पतालों में टीका मुहैया न होने से मरीज को खुद खरीद कर वैक्सीन लगवानी पड़ती थी। दा हजार डोज मिलने से मरीजों को कुछ समय के लिए राहत जरूर मिलेगी लेकिन यह ऊंट के मुंह में जीरा साबित होगी।
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उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई काॅर्पोरेशन की ओर से स्वास्थ्य विभाग को टिटनेस, एंटी रैबीज व एंटी स्नेक वेनम टीके की आपूर्ति की जाती है। काॅर्पोरेशन की ओर से जुलाई 2020 के बाद अचानक टिटनेस की आपूर्ति बंद कर दी गई। इससे अस्पताल आने वाले पीड़ितों को बाहर से खरीदकर टीका लगवाना पड़ता था।
टिटनेस टीका गर्भवती महिलाओं, किसी दुर्घटना में घायल व चोट लगने तथा कुत्ता काटने पर पहले लगाया जाता है। गर्भवती महिलाओं के नियमित टीकाकरण के लिए वैक्सीन के साथ टिटनेस की आपूर्ति एनएचएम/जिला प्रतिरक्षण इकाई द्वारा की जा रहा था, लेकिन अन्य मरीजों को टीके के लिए परेशान होना पड़ रहा था। मरीज अस्पताल पहुंचता था तो उसे या उसके तीमारदार को अस्पताल से पर्ची थमा दी जाती थी। अगर मरीज बाहर से वैक्सीन लाने में सक्षम होता था तो टीका लग जाता था वरना इलाज भगवान भरोसे।
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जिले में संयुक्त चिकित्सालय के अलावा 13 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और 30 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मौजूद हैं। जिला अस्पताल से लेकर सीएचसी तक हो रोज बड़ी संख्या में मरीज पहुंचते हैं। इसमें हादसे में घायल, चोट लगने, कुत्ता काटने आदि के भी मरीज होते हैं। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं और बच्चों को भी यह वैक्सीन लगाई जाती है। जिले में एक दिन में 100 से अधिक मरीजों को टीके की जरूरत पड़ती है। ऐसे में विभाग को मिलीं दस हजार डोज ऊंट के मुंह में जीरा साबित होगी।

मौजूद है एंटी रैबीज व एंटी स्नेक वेनम
ड्रग वेयरहाउस के चीफ फार्मासिस्ट पीएम मिश्र ने बताया कि कुत्ता काटने पर लगाने वाली एंटी रैबीज वैक्सीन व सांप डसने पर लगने वाली एंटी स्नेक वेनम पर्याप्त मात्रा में मौजूद है। कहा कि इसकी आपूर्ति नियमित रूप से उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कार्पाेरेशन से मिलती रहती है। इसकी कमी जिले में नहीं है।

नहीं की जाती कोई डिमांड
टिटनेस इंजेक्शन की कोई डिमांड नहीं की जाती है। उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कार्पाेरेशन दवा की अनुपलब्धता/खपत के अनुसार आपूर्ति करता रहता है। अब सभी प्रकार की दवाओं की उपलब्धता व खपत का डेटा ऑनलाइन रहता है। बहुत ही आवश्यक दवाओं की अनुपलब्धता पर ही ड्रग वेयरहाउस की ओर से मांग पत्र भेजा जाता है। टिटनेस की दस हजार डोज मिल गईं हैं। उसका वितरण सभी सीएचसी को किया जा रहा है। - डॉ. राजीव सौरभ, प्रभारी ड्रग वेयरहाउस
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