अंजुमन जीनतुल अजा अलीगढ़ की तरफ से रविवार को हुसैनिया बख्शी खां में मजलिस का आयोजन किया गया। मजलिस को दूरदराज से आए मौलाना ने खेताब किया। सोमवार को अमहट में करबला के शहीदों की याद में 72 ताबूत का जुलूस निकाला गया। रास्ते में जगह-जगह राहगीरों के लिए जलपान की व्यवस्था की गई थी।
रविवार की देर शाम हुसैनिया बख्शी खां अमहट में आयोजित मजलिस को मौलाना डॉ. सैय्यद निसार, हुसैन हैदर आदि मौलाना ने खेताब किया। रात भर चली शब्बेदारी में अंजुमन मासूमिया लोरपुर अंबेडकर नगर, अंजुमन गुलजार हैदरी जाफरगंज जगदीशपुर, अंजुमन शमशीर हैदरी ने नौहा मातम किया। सोमवार को सुबह करबला के 72 शहीदों के 72 ताबूत का जुलूस हुसैनिया बख्शी खां से उठकर अमहट चौराहे से रायबरेली रोड होता हुआ करबला अमहट पर खत्म किया गया। इस दौरान मौलाना बबर अली, सैय्यद इंतेजाम आजमी लखनऊ, मौलाना इमरान आदि ने तकरीर की।
रास्ते में जगह-जगह चाय और पानी की सबील लगाई गई। 72 ताबूत का जुलूस निकालते समय कैसर जौनपुरी ने तकरीर की। अमहट चौराहे पर अंजुमन असगरिया की तरफ से बच्चों के लिए सबील लगाई गई। अंत में जुलूस के शांतिपूर्ण संपन्न होने पर अंजुमन जीनतुल अजा की ओर से नसीरत हसन ने आए हुए लोगों का आभार जताया। कार्यक्रम की जानकारी हुसैनी शिया वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष हैदर अब्बास खां ने दी।