बंद पड़ी किसान सहकारी चीनी मिल। संवाद
द्वारिकागंज। जिले की किसान सहकारी चीनी मिल का पहिया शुक्रवार को भी नहीं डोलेगा। मिल प्रबंधन अभी उहापोह की स्थिति में है। मिल का बड़ा जनरेटर खराब है। नए जनरेटर की मांग पर भी शासन से कोई सुनवाई नहीं हो रही है, जिससे पेराई सत्र का शुभारंभ नहीं हो सका है।
बृहस्पतिवार सुबह किराये का जनरेटर आने के बाद इंजीनियरिंग विभाग ने मिल के ट्रायल का प्रयास शुरू किया। दोपहर बाद बॉयलर का ट्रायल किया गया और कई बड़ी मशीनों का ट्रायल बाकी है। इसके बाद सब कुछ ठीक-ठाक रहा, तो दो से तीन दिन के बाद चीनी मिल का संचालन शुरू हो सकेगा। किसानों ने बताया कि चीनी मिल प्रशासन पांच दिसंबर को चीनी मिल को चालू करने का दावा किया था, जो सच साबित नहीं हुआ। चीनी मिल के उप सभापति उमेश प्रताप सिंह ने कहा कि मिल के कल पुर्जे जर्जर हो गए हैं। मिल का संचालन शुरू नहीं हो पा रहा है। बजट में मिले पैसों का सदुपयोग समय पर किया जाता, तो चीनी मिल में समय से गन्ने की पेराई शुरू हो जाती। बताया कि प्रदेश की सभी सहकारी चीनी मिलों में गन्ने की पेराई शुरू हो गई है। जिले की किसान सहकारी चीनी मिल अभी तक गन्ने की पेराई शुरू नहीं कर सकी है।
जिला गन्ना अधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि बड़ा जनरेटर मंगवाकर मशीनों का ट्रायल किया जा रहा है, ट्रायल सफल होने पर पेराई शुरू की जाएगी।