मध्याह्न भोजन योजना में दूध वितरण की प्रगति में जिला फिसड्डी हो गया है। प्रदेश में सभी जिलों में नीचे से तीसरे स्थान (बॉटम थ्री) पर रहने पर डीएम ने बीएसए को कड़ा पत्र लिखा है। डीएम ने गुरुवार को जारी आदेेश में कहा है यदि एक सप्ताह में स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो बीएसए पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। डीएम का पत्र मिलते ही बीएसए ने सभी खंड शिक्षाधिकारियों को आदेश जारी कर दिया है।
मध्याह्न भोजन योजना के तहत आच्छादित विद्यालयों में सप्ताह में एक दिन बुधवार को बच्चों को दूध पिलाया जाना है। प्रति छात्र 200 एमएल के हिसाब से बच्चों को शुद्घ गरम दूध वितरित किए जाने का आदेश है। शासन की प्राथमिकता वाले इस योजना में जिले का हाल ठीक नहीं है।
शासन से आई रिपोर्ट के मुताबिक सुल्तानपुर की स्थिति प्रदेश के सभी जिलों में नीचे से तीसरे स्थान पर है। शासन से रिपोर्ट मिलते ही डीएम अदिति सिंह ने गुरुवार को बीएसए को कड़ा पत्र लिखा है। डीएम ने बताया कि बीएसए को कठोर चेतावनी दी गई है। यदि एक सप्ताह के अंदर अपेक्षित सुधार नहीं हुआ तो बीएसए पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
बीएसए रमेेश यादव ने बताया कि डीएम का पत्र मिला है। सभी खंड शिक्षाधिकारियों को आदेश जारी कर दिया गया है। जिला समन्वयक (एमडीएम) ने कहा कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता वाली दूध वितरण योजना में रुचि नहीं लेने वाले शिक्षकों व प्रधानों पर कार्रवाई की जाएगी। विदित होगा कि प्राथमिक शिक्षक संघ की ओर से कन्वर्जन कॉस्ट में बढ़ोतरी की मांग को लेकर दूध वितरण का बहिष्कार करने से स्थिति खराब हो गई है।