कुड़वार कस्बे में रविवार को गत्ता जलाकर हाथ सेंकते लोग। संवाद
सुल्तानपुर। कड़ाके की ठंड के बीच रविववार को न्यूनतम पारा 12 से लुढ़ककर सात डिग्री पर पहुंच गया है। शीतलहर के प्रकोप से ठंड से लोग परेशान हो गए हैं। प्रशासन के इंतजाम भी कम पड़ गए हैं। रविवार को दिनभर बादल छाए रहे। इस दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासन के अलाव जलने के दावे हवाई साबित हुए हैं। लोग कागजों का अलाव जलाकर ठंड से बचाव करने के लिए मजबूर हैं।
ठंड के बाद शहर में दिन के अलाव बुझ गए हैं। दो दिनों से आसमान में बादल छाए रहने से ठंड में इजाफा हो गया है। हालांकि दोपहर को एक बार हल्की धूप निकलने से लोगों को राहत की उम्मीद बढ़ी, लेकिन फिर बादल छा गए। सुबह करीब पांच बजे तक कोहरा छाया रहा। जिससे वाहन चालकों को वाहन चलाने में परेशानी उठानी पड़ी। पर्यावरण पार्क में लोगों ने हरी घास पर बैठकर धूप का आनंद लिया। बादल छाते ही बच्चे खेलकूद में जुट गए।
शीतलहर और गलन के प्रकोप से दलहनी-तिलहनी फसलों पर संकट छा गया है। सबसे ज्यादा नुकसान आलू, सब्जी, सरसों और अरहर की फसल को हो रहा है। किसान वीरेंद्र शुक्ल ने बताया कि उनकी एक बीघा आलू की फसल में पाला के प्रकोप से पत्तियां पीली पड़ गई हैं। दवा का छिड़काव करने पर भी कोई फायदा नहीं हुआ।
आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या के मौसम पर्यवेक्षक डॉ. अमरनाथ मिश्र ने बताया कि रविवार को अधिकतम तापमान 16.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 4.0 डिग्री कम रहा। न्यूनतम तापमान 7.0 डिग्री सेल्सियस रहा। उत्तरी-पश्चिमी हवा की गति 3.3 किमी/घंटा रही। बताया कि पछुआ हवा के कारण शीतलहर का प्रकोप जारी है। पहाड़ों पर हिमपात के कारण गलन भरी ठंड का असर है। अभी कुछ दिनों तक इसी तरह सर्दी का असर रहेगा।