पहाड़ी इलाकों में गिरी बर्फ धूप निकलने और हवा चलने से पिघलने लगी है। बर्फ पिघलने से पछुवा हवा के सहारे गलन भरी ठंड मैदानी इलाकों में कहर ढाने लगी है। बर्फीली हवाओं के चलने से तापमान में गिरावट का दौर शुक्रवार को भी जारी रहा। न्यूनतम तापमान गिरकर 1.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है।
बृहस्पतिवार की रात इस सीजन की अब तक की सबसे सर्द रात आंकी गई है। पारा गिरने से लोग कड़ाके की ठंड से कांप गए। शुक्रवार की सुबह करीब सात बजे धूप निकलने के बाद भी ठिठुरन कम नहीं हुई। गलन भरी ठंड से निजात पाने के लिए लोगों को अलाव का सहारा लेना पड़ा। कड़ाके की ठंड में छोटे बच्चों को स्कूल जाना पड़ा। परिषदीय व कुछ प्राइवेट स्कूलों के खुले रहने से बच्चों को गलन भरी ठंड में भारी परेशानी हुई।
हालांकि, शहर समेत जिले के कई प्राइवेट स्कूल बंद भी रहे। कड़ाके की ठंड होने पर भी शहर समेत ग्रामीण इलाकों में अलाव की सही व्यवस्था नहीं की गई है। दोपहर के समय तेज धूप होने पर लोगों को ठंड से काफी राहत मिल गई। शाम होते ही फिर गलन भरी ठंड होने लगी। मौसम विभाग ने शनिवार को भी कड़ाके की ठंड और तापमान में गिरावट का अनुमान लगाया है।
मौसम पर्यवेक्षक योगेंद्र कुमार सिंह नागा ने बताया कि शुक्रवार को अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस से गिरकर 17.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। न्यूनतम तापमान 2 डिग्री सेल्सियस से लुढ़ककर 1.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है।