मेडिकल कॉलेज में दवा काउंटर के पास फर्श पर बैठे मरीज व तीमारदार। संवाद
सुल्तानपुर। मेडिकल कॉलेज में एक रुपये का परचा बनवाकर निशुल्क जांच व इलाज का सपना लेकर आ रहे मरीजों को यहां अव्यवस्थाओं से जूझना पड़ रहा है। परिसर में बैठने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। मंगलवार को ओपीडी में 1,805 नए मरीजों ने पंजीयन कराया, जबकि इतने ही पुराने मरीज आए। अल्ट्रासाउंड व डिजिटल एक्सरे मशीन ठप रहने से मरीजों को निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है। स्ट्रेचर व बैठने की पर्याप्त व्यवस्था न होने से मरीज परेशान हैं।
नहीं हुआ अल्ट्रासाउंड व एक्सरे
मेडिकल कॉलेज में लंबे समय से रेडियोलॉजिस्ट नहीं हैं। यहां पर विरसिंहपुर के 100 बेड अस्पताल के रेडियोलॉजिस्ट सोमवार व बुधवार को अल्ट्रासाउंड करते हैं। चार दिन तक यहां अल्ट्रासाउंड नहीं होता है। इससे मरीजों का इलाज बाधित होता है। मरीज शफीक ने बताया कि पेट में दर्द है। सर्जन को दिखाने के बाद पथरी की आशंका व्यक्त करते हुए अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी। यहां पर अल्ट्रासाउंड न हो पाने से बाहर 800 रुपये देकर अल्ट्रासाउंड कराया। आरिफ ने बताया कि सोमवार को डॉक्टर से अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी थी। जानकारी के अभाव में आज आया तो अल्ट्रासाउंड बंद है। इससे अब बुधवार को फिर आना पड़ेगा। अल्ट्रासाउंड न हो पाने से इलाज शुरू करने में देरी हो रही है। इसी प्रकार पुरानी बिल्डिंग में संचालित डिजिटल एक्सरे भी तकनीकी खामी से ठप रहा। एक्सरे कराने आई आफरीन ने बताया कि बाहर 500 रुपये देकर एक्सरे कराना पड़ा।
स्ट्रेचर मिलने का इंतजार
मरीजों की अपेक्षा बैठने का संसाधन कम है। इससे मरीज फर्श व मुख्य द्वार की सीढ़ियों पर बैठने को मजबूर होते हैं। बार-बार सुरक्षाकर्मियों ने इधर-उधर बैठे मरीजों को टोकते नजर आए। बुजुर्ग मरीज राम दुलार ने बताया कि बैठने की व्यवस्था न होने से दवा वितरण काउंटर के बगल फर्श पर बैठा था। सुरक्षाकर्मियों ने यहां से हटाया तो बाहर सीढ़ी पर बैठ गया। यहां पर भी सुरक्षाकर्मियों ने मना कर दिया तो बाहर चला आया। पर्याप्त स्ट्रेचर न होने से मरीज तीमारदारों के सहारे आते-जाते दिखे। आशीष कुमार ने बताया कि बड़ी देर से स्ट्रेचर मिलने का इंतजार कर रहे थे। मजबूरी में नहीं मिला तो कंधे के सहारे मरीज को बाहर लाए।
दूर कराई जाएंगी समस्याएं
रेडियोलॉजिस्ट न होने से अल्ट्रासाउंड दो ही दिन हो पाता है। इसके लिए पत्राचार जारी है। बाकी अन्य समस्याएं भी जल्दी दूर करा ली जाएंगी।
- डॉ. आरके मिश्रा, सीएमएस