सुल्तानपुर। नेशनल मेडिकल काउंसिल (एनएमसी) की ओर से मान्यता दिए जाने से इन्कार हो जाने के बाद मेडिकल कॉलेज से जुड़े अधिकारियों में खलबली मची है। संकाय सदस्यों के मामले में मानक के करीब पहुंच चुके सुल्तानपुर मेडिकल कॉलेज में इसी वर्ष से पढ़ाई शुरू कराई जा सके। इसके लिए अपील की तैयारी है और एक-एक बिंदु पर खामियों का निस्तारण करने में अफसर जुटे हुए हैं।
एनएमसी ने सुल्तानपुर मेडिकल कॉलेज को मान्यता देने से इन्कार कर दिया है। इसके बाद 15 दिन के भीतर मेडिकल कॉलेज की ओर से दोबारा अपील की जानी है। मेडिकल कॉलेज में प्रथम वर्ष की पढ़ाई फैकल्टी का चयन तो लगभग पूरा हो चुका है। किंतु बाकी स्टाफ के चयन के लिए अभी तक एजेंसी का ही टेंडर नहीं हो पाया है। इस वजह से स्टाफ की भर्ती नहीं हो पाई थी। अब एनएमसी से मिले झटके के बाद अफसर इस दिशा में तेजी से काम कर रहे हैं और माना जा रहा है कि एक-दो दिन के भीतर ही मानव संसाधन सप्लाई करने वाली संस्था का चयन कर लिया जाएगा।
उधर, लखनऊ से लौटे प्राचार्य डॉ. सलिल श्रीवास्तव बुधवार देर शाम तक मेडिकल कॉलेज के शैक्षिक परिसर में ही जमे रहे और कर्मचारियों को एक-एक बिंदु पर सुधार के निर्देश देते रहे। इसके अलावा उन्होंने भवन निर्माण की कार्यदायी संस्था को भी लैब व लेक्चर रूम समेत बाकी स्थानों पर कमियों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
खामियां सुधार फिर करेंगे अपील
एनएमसी की ओर से जो खामियां बताई गई हैं। उसमें बिंदुवार सुधार करके अपील की जाएगी। शासन भी इसे लेकर बेहद गंभीर है। उम्मीद है कि हम समय से सारे मानक पूरे कर लेंगे और अपील के बाद एनएमसी से मान्यता मिल जाएगी।
- डॉ. सलिल श्रीवास्तव, प्राचार्य