क्षेत्र के जेठू मवई गांव में चार दशक पूर्व स्थापित किया गया माता मवई धाम श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना है। यहां पर जिले के साथ ही गैर जनपदों से आने वाले भक्त मत्था टेकते हैं। धाम के प्रति सच्ची आस्था रखने वालों की हर मनोकामना मां दुर्गा पूरी करती हैं। प्रत्येक पूर्णिमा और शारदीय व चैत्र नवरात्र में यहां पर दर्शन पूजन के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ती है।
स्थानीय तहसील क्षेत्र के जेठू मवई गांव में चार दशक पूर्व बना मां दुर्गा का मंदिर लोगों के बीच माता मवई धाम के नाम से मशहूर है।
बताते हैं कि गांव के ही रहने वाले रामबख्श सिंह की धर्म परायण पत्नी मालती सिंह को वर्ष 1972 में देवी मां ने स्वप्न में दर्शन दिए थे। कहते हैं कि देवी मां ने उन्हें उस स्थान पर अपना भव्य मंदिर बनवाने का आदेश दिया था, जहां वे कुल देवता की पूजा करती थीं। इसके बाद मालती ने अपना कच्चा घर गिरवाकर मंदिर का निर्माण शुरू करवा दिया। यह मंदिर वर्ष 1973 में बनकर तैयार हो गया। इसका नाम माता मवई धाम रखा गया।
समय के साथ मंदिर की ख्याति फैली तो आज जिले के साथ ही आसपास के कई जनपदों के लोग प्रत्येक पूर्णिमा व नवरात्र के नौ दिनों तक मंदिर पहुंचकर मां दुर्गा के दर्शन करते हैं। मंदिर की प्रबंधक माता मालती धाम पर दर्शन पूजन करने आने वाले श्रद्धालुओं को जल व भभूत भी घर ले जाने को देती हैं। मनौती पूरी होने के बाद मां दुर्गा के भक्त धाम पर कड़ाही देने आते हैं।
पूरी होती हर मनोकामना
मंदिर के पुजारी देवी प्रसाद तिवारी ने बताया कि मां दुर्गा माता मवई धाम के प्रति सच्ची आस्था रखने वालों की हर मनोकामना पूरी करती हैं। मंदिर पर लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या इस बात का ठोस प्रमाण है। नवरात्र व प्रत्येक पूर्णिमा के अवसर पर धाम पर विशेष पूर्जा अर्चना और आरती होती है।