सुल्तानपुर। सिखों के पांचवें गुरु अर्जुनदेव का शहीदी पर्व सोमवार को शहर की पंजाबी कॉलोनी स्थित गुरुद्वारे में मनाया गया। अखंड पाठ के समापन पर शबद कीर्तन का आयोजन किया गया। इस दौरान गुरुद्वारे के गेट पर राहगीरों को शर्बत पिलाया गया और लोगों ने लंगर छका।
गुरुद्वारा श्रीगुरु सिंह सभा के तत्वावधान में सिख धर्म के पांचवें गुरु अर्जुनदेव का शहीदी पर्व मनाया गया। कुड़वार नाका संगत की ओर से रविवार से शुरू अखंड साहिब पाठ का सोमवार को समापन हुआ। सुबह नौ बजे से ज्ञानी नवजोत सिंह के जत्थे ने शबद कीर्तन का गायन कर संगत को निहाल किया। इस दौरान सरदार गुरु कृपाल सिंह को सरोपा भेंट किया गया। गुरुद्वारा श्रीगुरु सिंह सभा के महासचिव सुदीप पाल सिंह ने गुरु अर्जुनदेव के शहीदी दिवस के बारे में लोगों को बताया।
उन्होंने कहा कि गुरुजी ने अमृतसर में हरि मंदिर साहिब के साथ चार द्वार का निर्माण कराया था। गुरु अर्जुनदेव ने समाज को संदेश दिया था कि किसी भी वर्ग के लोग चारों द्वार से हरि मंदिर साहिब के दर्शन के लिए आ सकते हैं। कार्यक्रम के दौरान गुरुद्वारा के बाहर स्टॉल लगाकर लोगों को शर्बत पिलाया गया। साथ ही लोगों ने गुरुद्वारे के अंदर लंगर भी छका। इस मौके पर सरदार गुरचरन सिंह, सरदार महेंद्र पाल सिंह, परमजीत सिंह बग्गा, तेजेंदर सिंह, सरदार बलदेव सिंह, दलजीत सिंह, मनमीत सिंह व आकाश बग्गा आदि मौजूद रहे।