राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की हड़ताल का असर बुधवार को करीब डेढ़ दर्जन विभागों पर रहा। आवश्यक सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों को छोड़कर बाकी विभागों के संगठन पूरे दिन हड़ताल पर रहे और सभा करके सरकार का विरोध जताया। हड़ताल से विभागों के कामकाज पर असर पड़ा है।
कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने से राजस्व संग्रह भी प्रभावित हुआ है। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की तीन दिवसीय हड़ताल के पहले दिन करीब डेढ़ दर्जन विभागों के संगठन हड़ताल पर रहे। स्वास्थ्य विभाग एनएनएम व लैब टेक्निशियन को छोड़कर बाकी विभागों के संगठन दिन भर हड़ताल पर रहे। दिन भर हड़ताल पर रहने के बाद राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने अपनी मांगों के संबंध में तिकोनिया पार्क में सभा की।
सभा में परिषद के नेताओं ने अपनी पांच सूत्री मांगों के संबंध में सरकार के प्रति विरोध जताया। सभा को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष जंगबहादुर वर्मा, मंत्री नरेंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि सरकार वादाखिलाफी कर रही है। पदाधिकारियों ने सभी संगठनों से शेष दो दिन का आंदोलन सफल बनाने को कहा है। इस मौके पर चंद्रशेखर चौहान, धनेश कुमार सिंह, सर्वदेव शुक्ला, नंदलाल, हरिगोविंद सिंह, बसंत प्रजापति समेत सभी संगठनों के लोग शामिल रहे।