सुल्तानपुर। शहर के प्रमुख बाजारों में लगातार बढ़ती जाम की समस्या ने व्यापारी बेहाल हैं। त्योहार के समय भीड़ बढ़ने के साथ ई रिक्शा व ऑटो की संख्या अधिक होने से हालात और बिगड़ जाते हैं। ग्राहकों को बाजार तक पहुंचने में दिक्कत होती है, जिससे कारोबार प्रभावित होता है।
व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की है कि यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित किया जाए, जिससे बाजारों की रौनक बनी रहे। व्यापारियों का मानना है कि ई रिक्शों की अनियंत्रित आवाजाही और भारी वाहनों का शहर के अंदर प्रवेश जाम का मुख्य कारण है। उनका सुझाव है कि ई रिक्शों के लिए निर्धारित रूट बनाए जाएं और मुख्य बाजारों में उनकी एंट्री पर रोक लगे।
इसके अलावा सड़कों के किनारे अतिक्रमण और दुकानों के बाहर रखा सामान भी समस्या को बढ़ाता है। व्यापारियों ने प्रशासन से मिलकर अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाने की मांग की है। यदि इन सुझावों पर अमल होता है तो शहर को जाम की समस्या से काफी हद तक राहत मिल सकती है।
अराजकता से बिगड़ी व्यवस्था
ठेला और ई रिक्शा चालकों की मनमानी से व्यापारिक गतिविधियां पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गई हैं। अधिकतर ई रिक्शा नाबालिग चला रहे हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ता है। ये जहां मन होता है, वहीं वाहन रोक देते हैं। ठेलों की स्थिति भी ऐसी ही है। -माणिक लाल, डिस्ट्रीब्यूटर।
अतिक्रमण बना बड़ी समस्या
ई रिक्शा और ठेले वालों की वजह से बाजार में अव्यवस्था बढ़ती जा रही है। बिना नियमों के संचालन के कारण व्यापार प्रभावित होता है। नाबालिग चालकों की संख्या अधिक होने से खतरा भी बढ़ गया है। जहां-तहां वाहन खड़ा करना इनकी आदत बन गई है। -सुधीर गुप्ता, व्यापारी।
ई रिक्शा बने अभिशाप
शहर में बेतरतीब दौड़ रहे ई रिक्शा ने ट्रैफिक व्यवस्था को पूरी तरह बिगाड़ दिया है। सैकड़ों की संख्या में चल रहे ये वाहन नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। कई चालक अराजक हो गए हैं और विवाद करने पर उतारू रहते हैं। - अशोक कुमार गुप्ता, मेडिकल स्टोर संचालक।