सुल्तानपुर। जिले में शुक्रवार को धनतेरस पर्व पर मंदी के बावजूद बाजार गुलजार रहा। बर्तन, कपड़ा, सराफा, वाहन व इलेक्ट्रॉनिक सामानों की जमकर बिक्री हुई। अविभाजित जिले (अमेठी जिले के सृजन से पहले की स्थिति) में धनतेरस पर दिन भर हुए व्यवसाय के दौरान करीब 100 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार हुआ।
सुल्तानपुर में 70 करोड़ और अमेठी में 30 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ। अविभाजित जिले में 25 करोड़ रुपये के चार पहिया वाहन, 20 करोड़ के दो पहिया वाहन बिके। सराफा कारोबार में मंदी के बावजूद करीब 30 करोड़ रुपये के आभूषण व सिक्के बिके।
बर्तन नौ करोड़ रुपये, कपड़ा नौ करोड़ रुपये, मोबाइल फोन व इलेक्ट्रॉनिक सामान करीब सात करोड़ रुपये का बिका। धनतेरस को लेकर सुबह से बाजारों की चहल-पहल बढ़ गई थी।
दूसरी बेला से शहर व ग्रामीण अंचल की बाजारों में भीड़ चढ़ने लगी। शहर के चौक, ठठेरी बाजार, जीएन रोड समेत लगभग सभी इलाकों में मौजूद आभूषण, वस्त्र, बर्तन व अन्य सामानों की खरीदारी में महिलाओं की खासी भीड़ रही। महंगाई को दरकिनार कर लोगों ने दीपावली पूजन के लिए नए डिजाइन के सोने व चांदी के गणेश-लक्ष्मी की खरीदारी की।
धनतेरस के दिन शुक्रवार को ऑटोमोबाइल सेक्टर गुलजार रहा। लगभग सभी शोरूमों पर भारी भीड़ देखी गई। मोटर साइकिल खरीदने वाले लोगों ने एडवांस बुकिंग भी करा रखी थी।
बावजूद इसके डिलीवरी लेने में लोगों को पसीने छूट गए। बुलेट खरीदने वाले लगभग 100 लोग एडवांस बुकिंग कराने के बाद भी धनतेरस पर गाड़ी नहीं पा सके। रायल इन्फील्ड बुलेट के विक्रेता मिर्जा सगीर बेग के मुताबिक तकरीबन 350 लोगों ने बुलेट की बुकिंग कराई थी।
इसमें धनतेरस पर 252 लोगों को ही डिलीवरी दी जा सकी। शेष ग्राहकों को दीपावली तक गाड़ी डिलीवर कर दी जाएगी। मोटरसाइकिल एजेंसी के प्रोपराइटर दीपक जैन ने बताया कि ग्राहकों में बाइक खरीद को लेकर खासा उत्साह रहा। जिले में करीब 800 मोटर साइकिलों की बिक्री हुई है।
वहीं चार पहिया वाहनों की बिक्री में भी धनतेरस पर तेजी देखी गई। जिले में करीब 70 चार पहिया वाहन धनतेरस पर ग्राहकों ने खरीदे। एक अनुमान के मुताबिक जिले में चार पहिया वाहनों का करीब 25 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ। वहीं 20 करोड़ की बाइकें बिकीं।