सुल्तानपुर। पंचायत चुनाव के सियासी समर में कई सूरमाओं को मुंह की खानी पड़ी है। अपने क्षेत्र में मजबूत पकड़ रखने का दंभ भरने वाले कई धुरंधरों को चुनाव में हार का सामना करना पड़ा है। सियासी सूरमाओं के पंचायत चुनाव में शिकस्त से उनके भविष्य की राजनीतिक पर संकट खड़ा हो गया है।
सत्ताधारी पार्टी भाजपा के समर्थन से चुनाव मैदान में उतरे कई पार्टी पदाधिकारियों को पंचायत चुनाव में मुंह की खानी पड़ी है। इसमें कुछ ऐसे भाजपा समर्थित उम्मीदवार हैं जो कहीं नंबर में ही नहीं रह गए हैं।
प्रतापपुर कमैंचा विकासखंड के निवर्तमान ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि विनोद कुमार मिश्र वार्ड नंबर 45 से चुनाव हार गए हैं। वार्ड नंबर 43 से भाजयुमो जिलाध्यक्ष रामेंद्र सिंह राणा को भी चुनाव में शिकस्त खानी पड़ी है।
वार्ड नंबर 36 से पूर्व जिला महामंत्री कृपाशंकर मिश्र की पत्नी आशा मिश्र भी चुनाव हार गईं हैं। भाजपा नेता व जिला उपाध्यक्ष संजय सिंह त्रिलोकचंदी की पत्नी विजय कुमारी सिंह को वार्ड नंबर 30 से मुंह की खानी पड़ी है।
भाजपा में काशी क्षेत्र की निवर्तमान क्षेत्रीय मंत्री बबिता तिवारी वार्ड नंबर 29 से चुनाव हार गई हैं। वार्ड नंबर 11 से भाजपा के जिला मंत्री विवेक सिंह चुनाव हार गए हैं। वरुण गांधी के प्रतिनिधि रहे संदीप कुमार मिश्रा को वार्ड नंबर 21 से चुनाव में शिकस्त मिली है।
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के करीबी हिंदेश सिंह की पत्नी प्रियंका सिंह को वार्ड नंबर 26 से चुनाव में हार का सामना करना पड़ा है। इनमें से कई ऐसे प्रत्याशी रहे जिनके पतियों व उनकी स्वयं की निगाह विधानसभा चुनाव पर थी। कुछ लोग पिछले विधानसभा चुुनाव से ही दावेदारी करते आ रहे हैं। अब जिला पंचायत सदस्य के समर में चित्त हो जाने से उनके सियासी भविष्य पर संकट खड़ा हो गया है।