सुल्तानपुर। शादी के इंतजार में दो साल से प्रेमी के घर रही प्रेमिका एक बच्ची की मां बन गई। बेटी पैदा होने के बाद किसी बात को लेकर दोनों के बीच अनबन हो गई तो गर्भवती युवती दुधमुंही बेटी को प्रेमी के घर छोड़कर मायके चली गई।
विवाद बढ़ने पर मामला महिला थाने पहुंच गया। महिला चौकी इंचार्ज ने दोनों के परिवारों से बात कर शुक्रवार को पुलिस चौकी पर दोनों का विवाह संपन्न कराकर विवाद का पटाक्षेप करा दिया।
चांदा क्षेत्र के गांव की रहने वाली युवती की शादी दो वर्ष पहले क्षेत्र के छपरे गांव निवासी संजय के साथ तय हुई थी। किन्हीं कारणों से शादी नहीं हो सकी लेकिन युवती और संजय मिलते-जुलते रहे। इसी दौरान लॉकडाउन हो गया और शादी टलती रही।
लॉकडाउन के दौरान ही युवती संजय के घर पहुंच गई और दोनों साथ रहने लगे। तब किसी के घर वालों ने आपत्ति भी नहीं की। इस बीच युवती गर्भवती हो गई और उसने एक बेटी को जन्म दिया। बेटी के जन्म के बाद गांव में तरह-तरह की बातें होने लगीं।
युवती ने संजय से शादी का दबाव बनाया लेकिन ससुराल वाले इस पर तैयार नहीं हुए। इस दौरान युवती एक बार फिर गर्भवती हो गई। शादी न होने से नाराज होकर युवती एक हफ्ते पहले अपनी आठ माह की बेटी को ससुराल में ही छोड़कर मायके लौट गई।
दुधमुंही बच्ची को पालने में संजय के घर वालों को परेशानी हो रही थी। इससे निजात पाने के लिए संजय और उसके घर वाले लंभुआ में महिला पुलिस चौकी पर पहुंचे और चौकी इंचार्ज मंजू सिंह को पूरी बात बताई।
चौकी इंचार्ज ने युवती के घर वालों के साथ ही संजय और उसके परिवारीजनों को शुक्रवार को चौकी पर बुलाया। चौकी पर ही महिला उपनिरीक्षक ने युवती और संजय की शादी संपन्न कराई। महिला उपनिरीक्षक मंजू सिंह ने युवती का सिंदूर दान भी किया। शादी संपन्न होने के बाद दोनों के परिवारीजनों ने राहत की सांस ली।
प्रत्येक पीड़ित महिला को मिलेगा न्याय: एएसपी
एएसपी विपुल श्रीवास्तव ने बताया कि शासन की मंशानुरूप प्रत्येक पीड़ित महिला को न्याय दिलाया जाएगा। महिलाओं को ध्यान में रखकर महिला थाना और रिपोर्टिंग महिला पुलिस चौकी खोली गई है। महिलाओं के मामले के निस्तारण की मॉनिटरिंग की जा रही है।