6. सुल्तानपुर में पयागीपुर स्थित विद्युत पारेषण केंद्र।
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सुल्तानपुर। चीन के उकसावे के आरोपों से घिरा नेपाल सिर्फ सामाजिक, धार्मिक रूप से ही नहीं बल्कि संसाधनों के लिहाज से भी काफी हद तक भारत पर निर्भर है। भारत की बिजली से नेपाल का बड़ा भूभाग रोशन हो रहा है। इस क्षेत्र में काफी हद तक आत्मनिर्भरता हासिल करने के बाद भी नेपाल अभी भी उत्पादन घटने पर करीब 500 मेगावाट बिजली भारत से लेता है। इससे नेपाल के घर ही नहीं बल्कि कुछ व्यावसायिक गतिविधियां भी संचालित हो रही हैं। जिले के 400 केवी पारेषण उपकेंद्र से भी बहराइच से नानपारा होते हुए नेपालगंज (बांके जनपद) को बिजली आपूर्ति हो रही है।
वैसे तो नेपाल बिजली के मामले में काफी हद तक आत्मनिर्भरता के करीब पहुंच गया है। पारेषण के आंकड़ों के मुताबिक मौजूदा समय में नेपाल में करीब 1400 मेगावाट की बिजली की डिमांड है। इसके सापेक्ष नेपाल पानी की उपलब्धता के समय तकरीबन इतना उत्पादन भी कर रहा है। चूंकि नेपाल में बिजली उत्पादन केंद्र जल विद्युत परियोजना पर ही आधारित है इसलिए पानी घटने पर नेपाल को भारत से बिजली की जरूरत पड़ती है। पानी की कमी पर बिजली उत्पादन घटने पर नेपाल भारत से करीब 500 मेगावाट बिजली ले रहा है।
इसमें सुल्तानपुर जिले के पयागीपुर स्थित 400 केवी पारेषण उपकेंद्र से भी नेपाल को बिजली आपूर्ति हो रही है। हालांकि जिले के साथ ही गोरखपुर व टांडा थर्मल पावर से बस्ती को पहुंचने वाली बिजली भी बहराइच के रास्ते नेपाल को दी जा रही है। जिले से प्रदेश के अन्य जनपदों से आपूर्ति होने वाली बिजली से नेपाल में सिर्फ घर ही नहीं बल्कि व्यावसायिक गतिविधियां भी संचालित हो रही हैं। कुछ कल-कारखाने भी यहीं की बिजली से चल रहे हैं। इस लिहाज से बिजली के मामले में भी भारत पर नेपाल काफी हद तक निर्भर है।
पयागीपुर 400 पारेषण उपकेंद्र से निकलने वाली एक विद्युत लाइन अयोध्या के सोहावल स्थित 220 केवी उपकेंद्र को जाती है। टेस्ट के अधिशाषी अभियंता आरके त्रिपाठी बताते हैं कि सोहावल से बिजली गोंडा के 220 केवी उपकेंद्र व वहां से बहराइच 220 केवी उपकेंद्र को जाती है।
बहराइच 220 केवी उपकेंद्र से नानपारा स्थित 132 केवी उपकेंद्र व नानपारा से नेपाल के बांके जनपद के नेपालगंज में स्थित 33/11 केवी उपकेंद्र को बिजली पहुंचती है। इसके साथ ही एक विद्युत लाइन सोहावल से बहराइच व बेगमपुरा होते हुए नेपालगंज जाती है। अधिशाषी अभियंता का कहना है कि पहले बिजली सीधे गोंडा व गोंडा से बहराइच होकर नेपालगंज जाती थी। लाइन पर लोड बढ़ने से अब बीच में कई सब स्टेशन बनाए गए इसलिए कई उपकेंद्र होकर बिजली नेपालगंज पहुंच रही है।
400 केवी उपकेंद्र के अधीक्षण अभियंता मोहम्मद रजा ने बताया कि नेपाल में जल विद्युत परियोजना ही है। इसकी वजह से पानी की कमी होने पर भारत से नेपाल बिजली लेता है। पयागीपुर से भी लाइन कई सब स्टेशनों से होते हुए नेपाल गई है।