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तीन हत्यारों को उम्रकैद

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सुल्तानपुर। सात साल पहले मिट्टी डालने को लेकर हुए विवाद में हुई हत्या के मामले में जिला जज संतोष राय ने सोमवार को तीन अभियुक्तों को आजीवन कारावास व 94 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई।
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साथ ही बलवा व मारपीट के दोषी दो सह अभियुक्तों को तीन वर्ष की कैद व 15-15 हजार रुपये जुर्माना किया है। एक आरोपी साक्ष्य अभाव में बरी किया गया है, जबकि दो सह अभियुक्तों की मुकदमे के दौरान मौत हो चुकी है।
कुड़वार थाने के धरावां गांव निवासी हफीज उल्ला खां की गांव के ही इफ्तेखारुल हक उर्फ बब्बू से रंजिश चल रही थी। 15 फरवरी 2014 को विवादित जमीन पर मिट्टी डालने को लेकर हुए विवाद में इफ्तेखारुल हक उर्फ बब्बू समेत अन्य अभियुक्तों ने लाठी, डंडा व असलहे से लैस होकर हफीज उल्ला खां पर हमला कर दिया था।
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अभियुक्तों ने हफीज उल्ला खां, उनके पुत्र शराफत उल्ला व भाई अजीज उल्ला पर फायरिंग कर दी थी। फायरिंग में शराफत उल्ला की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि हफीज उल्ला खां व अजीज उल्ला खां घायल हो गए थे।
मामले में हफीज उल्ला खां की तहरीर पर गांव के ही इफ्तेखारुल हक उर्फ बब्बू, मिस्वाहुल हक, करीम उल्ला, मो. अली, रफीउद्दीन उर्फ रफ्फू, बजीउद्दीन उर्फ बज्जी, मोतीन व गोसाईगंज थाने के अंगनाकोल गांव निवासी मुजीब के खिलाफ हत्या व जानलेवा समेत कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया था।
पिछले शुक्रवार को जिला जज संतोष राय ने अभियुक्तों मिस्वाहुल हक, करीम उल्ला व रफीउद्दीन उर्फ रफ्फू को हत्या व जानलेवा हमला करने को दोषी करार दिया था। कोर्ट ने सह अभियुक्तों मोतीन व मुजीब को बलवा व मारपीट करने का दोषी माना था।
सह अभियुक्त बजीउद्दीन उर्फ बज्जी साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया था। सह अभियुक्तों इफ्तेखारुल हक उर्फ बब्बू व मो. अली की मुुकदमे के दौरान मौत हो गई थी। कोर्ट ने दोषी अभियुक्तों को जेल भेजने का आदेश देते हुए सजा सुनाने के लिए 15 मार्च की तिथि नियत की थी।
सोमवार को पांचों अभियुक्तों को पुलिस ने जेल से लाकर कोर्ट में पेश किया। अभियोजन पक्ष की ओर से डीजीसी क्रिमिनल तारकेश्वर सिंह व पूर्व डीजीसी क्रिमिनल शिवशंकर सिंह और बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता अरविंद सिंह राजा ने सजा के बिंदु पर दलीलें पेश की।
जिला जज ने अभियुक्तों मिस्वाहुल हक, करीम उल्ला व रफीउद्दीन उर्फ रफ्फू को हत्या व जानलेवा हमला करने के जुर्म में आजीवन कारावास व 45-45 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाकर जेल भेजने का आदेश दिया।
कोर्ट ने अभियुक्त मिस्वाहुल हक को आर्म्स एक्ट में चार वर्ष की सजा व एक हजार रुपये जुर्माना और करीम उल्ला को दो वर्ष की सजा व तीन हजार रुपये जुर्माना किया है।
अदालत ने बलवा व मारपीट के दोषी सह अभियुक्तों मोतीन व मुजीब को तीन वर्ष की सजा 15-15 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाते हुए अपील दायर करने के लिए जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है।
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