गोसाईगंज। रविवार को कारीबहार जासापारा गांव में आजाद वर्मा की गोली मारकर हत्या के मामले में मंगलवार को भी हंगामा हुआ। करीब 20 घंटे बाद अधिकारियों के आश्वासन पर परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए।
रंजिश के चलते कारीबहार जासापारा निवासी आजाद वर्मा की हत्या कर दी गई थी। सोमवार देर शाम छह बजे पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचा तो परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से इन्कार कर दिया। परिजन आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई, एक करोड़ की आर्थिक सहायता, एक सदस्य को सरकारी नौकरी, शस्त्र लाइसेंस, पुलिस सुरक्षा, आरोपियों के मकान गिराने और ईंट भट्ठे पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
एडीएम एफआर राकेश सिंह, एएसपी बृज नारायण सिंह, सीओ जयसिंहपुर सुनील कुमार सिंह और एसडीएम जयसिंहपुर प्रभात सिंह परिजनों को समझाने में जुटे रहे, लेकिन परिजन अपनी मांगों पर अड़े रहे। इसके बाद मंगलवार को पुलिस ने मृतक के बड़े भाई बादल वर्मा को जिला मुख्यालय ले जाकर जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह और पुलिस अधीक्षक चारू निगम से मुलाकात कराई।
हरसंभव मदद का आश्वासन, माने परिजन
डीएम-एसपी से परिजन की मुलाकात के बाद अपर पुलिस अधीक्षक बृज नारायण सिंह और एडीएम प्रशासन रत्नप्रिया गांव पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों को नियमानुसार हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। इसके बाद दोपहर करीब 12 बजे परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए।
एएसपी बृज नारायण सिंह ने बताया कि हत्या के मामले में छह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। सोमवार को तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस तैनात है।
परिजनों को दी सांत्वना
आजाद वर्मा की हत्या की जानकारी मिलने के बाद मंगलवार को भी उनके घर पर शोक संवेदना व्यक्त करने वालों का तांता लगा रहा। लंभुआ से भाजपा विधायक सीताराम वर्मा, पूर्व सपा विधायक अरुण वर्मा, सरदार सेना के जिलाध्यक्ष राज वर्मा, आम आदमी पार्टी के वंशराज दुबे, रामकेश यादव, हरिशंकर वर्मा, संजय यादव समेत अन्य लोगों ने पहुंचकर शोकाकुल परिवार को सांत्वना दी। वहीं, आजाद दो भाइयों में सबसे छोटे थे। अभी उनका विवाह भी नहीं हुआ था। बेटे की मौत से मां परमशिला सदमे में हैं।