जिले में क्त्रसइम कंट्रोल में लगी पुलिस के पास आज भी वर्षों पुरानी थ्री नॉट थ्री रायफल है। उसकी संख्या भी इतनी नहीं कि सभी सिपाही उससे लैस हो सकें। मौजूदा समय में जिले में महिला थाना से लेकर कुल 17 थाने हैं।
इन थानों में भी अधिकांश में अत्याधुनिक इंसास व एके 47 नहीं हैं। शहर से लेकर ग्रामीण अंचल में पुलिस कर्मी डंडा लेकर ड्यूटी करते नजर आते हैं। दूसरी तरफ अपराधी अत्याधुनिक असलहों से लैस हैं। अपराधियों के पास नाइन एमएम पिस्टल से लेकर एके 47 तक है।
विभाग में आरक्षी, हेड कांस्टेबल, दरोगा, इंस्पेक्टर से लेकर डिप्टी एसपी तक का टोटा है। इन परिस्थितियों में अपराधियों से निपटना पुलिस के लिए चुनौती से कम नहीं है। पुलिस विभाग के आरआई तेजराम अरुण ने बताया कि महकमे के पास थ्री नॉट थ्री रायफल के साथ ही नाइन एमएम पिस्टल व अत्याधुनिक इंसास और एके 47 है।
थ्री नॉट थ्री रायफल पुरानी हैं। उनकी मरम्मत कराकर प्रयोग में लाया जाता है। विभाग में किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त असलहे मौजूद है। काफी समय से इंसास व एके 47 की आपूर्ति नहीं की गई है।