सुरक्षा नियमों को ताक पर रखकर सुल्तानपुर और अमेठी जिले में दर्जनों फैक्ट्रियां संचालित हो रही हैं। चीनी मिल में बॉयलर होने के बावजूद आपात स्थिति से निपटने के बंदोबस्त नहीं हैं। वहीं, अमेठी जिले की अधिकतर फैक्ट्रियों में भी सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जाती है। रायबरेली के एनटीपीसी में हुए हादसे के बाद अमर उजाला टीम ने बृहस्पतिवार को कुछ फैक्ट्रियों का जायजा लिया तो मजदूरों के सुरक्षा इंतजाम बेपटरी मिले।
सुल्तानपुर सहकारी चीनी मिल में करीब सवा चार सौ मजदूर काम करते हैं। एक दशक पूर्व बॉयलर की ट्यूब फटने से दो-तीन मजदूर घायल हो गए थे। बावजूद इसके सुरक्षा के लिए कोई पहल नहीं की गई। चार वर्ष पूर्व चीनी मिल में पाइप गेट ग्लास फट जाने से बड़ा हादसा टल गया था। चीनी मिल में लगे बॉयलर के पास कोई सुरक्षा के बंदोबस्त नहीं है। एक अदद फायर यंत्र भी नहीं लगा है।
सुरक्षा के इंतजाम नहीं: बॉयलर इंचार्ज
सुल्तानपुर। चीनी मिल के बॉयलर इंचार्ज कन्हईराम वर्मा ने बताया कि बॉयलर के पास एक दशक पूर्व ट्यूब फटी थी। उसके बाद भी आज तक मजदूरों की सुरक्षा के लिए कोई इंतजाम नहीं किया गया।