पति की लंबी उम्र की कामना को लेकर रखा जाने वाला करवा चौथ का व्रत बुधवार को है। इस दिन महिलाएं निर्जला व्रत रखकर भगवान गणेश की पूजा करती हैं। रात में चंद्र देवता को अर्घ्य देकर व्रत पारण के साथ सदा सुहागन रहने का आशीर्वाद मांगती है। करवा चौथ को लेकर बाजारों में रौनक दिखने लगी है। मिट्टी के करवे, सींक व कैलेंडर की दुकानों पर महिलाओं ने खरीददारी शुरू कर दी है।
हिंदू धर्म शास्त्रों में सुहागिनों का सबसे महत्वपूर्ण त्यौहार करवा चौथ है। करवा चौथ की तैयारी को लेकर बाजार में दुकानें सजने लगी हैं। मिट्टी के करवे, सींक व कैलेंडर की खरीद शुरू हो गई है। शहर के चौक इलाके में मिट्टे का करवा व सींक बेचने वाले दुकानदार संतोष मोदनवाल ने बताया कि सादा करवा 10 से 20 रुपये और सींक पांच रुपये में बेची जा रही है। वहीं रंगीन मिट्टी का करवा 35 से 90 व पीतला का करवा 250 से 350 रुपये में बिक रहा है।
कैलेंडर 10 से 60 रुपये में बेचा जा रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले साल की अपेक्षा इस बार करवा आदि के रेट में कोई खास वृद्धि नहीं हुई है। सोने-चांदी का व्यवसाय करने वाले देवी प्रसाद सोनी ने बताया कि चांदी का रेट गिरने के बाद भी अभी तक किसी भी महिला ने चांदी के करवा की खरीददारी नहीं की है। हालांकि चांदी का दाम 460 से गिरकर 422 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया है। कहा कि उनके पास न्यूनतम 6500 रुपये तक का चांदी का करवा है।