लगातार 43 दिन की बंदी के बाद बुधवार को सराफा बाजार की रौनक लौट आई। छोटे-बड़े व्यवसायियों ने अपनी दुकानें खोलीं और ग्राहकों ने जमकर खरीदारी की। हालांकि व्यवसायियों की एक्साइज ड्यूटी खत्म करने की मांग अभी भी पूरी नहीं हो सकी है। व्यापारी अपनी मांग पर कायम हैं। मांगों को लेकर व्यापारियों ने बांह पर काली पट्टी बांधकर व्यापार करने का निर्णय लिया है।
बीते एक मार्च से सराफा व्यवसायी एक्साइज ड्यूटी के विरोध में अपनी दुकानें बंद किए थे। इस दौरान व्यवसायियों ने विरोध के तमाम तरीके अख्तियार किए। व्यापारी नेताओं का प्रतिनिधि मंडल दिल्ली तक गया लेकिन उनकी मांग पूरी नहीं हुई। जिले में एक दिन की बंदी से रोजाना करीब 10 करोड़ का नुकसान हो रहा था।
लगातार 43 दिन की बंदी के बाद बुधवार को सराफा दुकानें खुल गईं। आभूषणों की दुकानें खुलने के बाद बाजार की रौनक लौट आई। लोगों की भीड़ दुकानों पर जेवर की खरीदारी करती दिखी।