सुल्तानपुर में जीजा ने साले की हत्या कर दी। मां के सामने बेटे की हत्या करके आरोपी पिस्टल समेत भाग निकला। मृतक की मां ने दामाद समेत पांच के खिलाफ केस दर्ज कराया।
यूपी के सुल्तानपुर में बृहस्पतिवार रात जीजा ने पिस्टल से अपने साले को उसकी मां के सामने ही गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। हत्या के बाद आरोपी जीजा फरार हो गया। मृतक की मां की तहरीर पर पुलिस ने जीजा समेत पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। उसमें एक हत्यारोपी की प्रेमिका भी है। मृतक की मां का आरोप है कि आरोपी दामाद व उसके घरवाले उनकी बेटी को प्रताड़ित किया करते थे। इसी बात को लेकर पहले कहासुनी हुई देखते ही देखते आरोपी ने गोली चला दी। घटना कोतवाली नगर क्षेत्र के कटहल की बाग की है।
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धनपतगंज थाना क्षेत्र के नरसड़ा गांव निवासी लखपती देवी बृहस्पतिवार के एक रिश्तेदार की बरात बृहस्पतिवार को महुअरिया स्थित धर्मशाला में आई थी। उसी में शामिल होने के लिए वह अपने पुत्र रमेश चंद्र (44) के साथ आई थी। उनकी पुत्री सीमा अपने पति संतोष कुमार अग्रहरि के साथ शास्त्रीनगर के कटहल वाली बाग में किराए के मकान में रहती है। वह अपने बेटे रमेश के साथ बेटी के मकान पर शाम को पहुंची।
लाइसेंसी पिस्टल से सीने में गोली मार दी
आरोप है कि उनका दामाद संतोष कुमार अग्रहरि से अक्सर उनकी पुत्री सीमा देवी को मारता-पीटता व प्रताड़ित करता था। जब वह दोनों संतोष के घर पहुंचे तो वह उग्र हो गया। रात करीब नौ बजे उनके दामाद संतोष अग्रहरि निवासी पुरुषोत्तमपुर थाना जयसिंहपुर से रमेश की कहासुनी होने लगी। वाद-विवाद में संतोष ने सीमा व उसके बच्चों के सामने ही अपनी लाइसेंसी पिस्टल से रमेश के सीने में गोली मार दी। गोली का खोखा व लाइसेंसी पिस्टल लेकर वह घर से भाग निकला।
प्रेमिका समेत पांच के खिलाफ केस दर्ज
इसके बाद लखपती देवी व सीमा ने पुलिस को बुला लिया। रमेश को मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। जहां पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। लखपती ने आरोप लगाते हुए बताया कि उनकी पुत्री को सास मालती, देवर राजेश उर्फ मनोज व देवरानी सुमन पहले से ही प्रताड़ित करते थे। इस कारण उनकी पुत्री किराये का मकान लेकर रहती थी। उनकी तहरीर पर दामाद संतोष, उसकी प्रेमिका सान्या यादव, देवर राजेश व देवरानी सुमन के खिलाफ केस दर्ज किया है।
अवैध संबंध का भी लगाया आरोप
हत्यारोपी संतोष कुमार अग्रहरि का मकान कूरेभार कस्बा में भी है। मृतक की मां का आरोप है कि संतोष कुमार का अवैध संबंध सान्या यादव निवासिनी लखनऊ से चल रहा है। इसी को लेकर संतोष व सीमा के बीच विवाद होता था। संतोष उनकी पुत्री सीमा को अक्सर मारता पीटता था। एक महीने पहले संतोष ने सीमा को मारने के लिए भी पिस्टल तान दिया था। सीमा के लड़के कुशाग्र अग्रहरि (13) व लड़की अंशिका उर्फ दिशा (12) ने पकड़ा नहीं होता तो उनकी पुत्री की उसी समय हत्या हो जाती।
प्रापर्टी के काम में भी है हत्यारोपी की संलिप्तता
हत्यारोपी संतोष कोई व्यवसाय नहीं करता है। बताया जा रहा है कि वह प्रापर्टी की दलाली करता था। अक्सर वह तहसील व कलेक्ट्रेट के चक्कर लगाता रहता था। कुछ भूमाफियाओं के साथ भी उसके संबंध हैं। विवादित भूमि में भी उसका हस्तक्षेप रहता है। बताया जा रहा है कि संतोष पर कुछ लोगों की देनदारी भी है।
तीन बहनों में इकलौते भाई की मौत से सदमे में परिवार
रमेश चंद्र अग्रहरि का एक मकान बैजनाथ कैंप मथुरा रोड, एश्वर नगर, श्रीनिवासपुरी ईस्ट आफ कैलाश फेज-वन, दक्षिण दिल्ली में है। वह अपने मां -बाप का इकलौता पुत्र था। वह कैटरिंग का काम करता था। उनकी तीन बहने हैं। सभी का विवाह हो चुका है। इसके पति ने रमेश की हत्या की वह बहन सीमा दूसरे नंबर पर है। परिवार में रमेश की तीन पुत्रियां हैं। बड़ी पुत्री दिल्ली पुलिस में है। दूसरे नंबर पर शिखा हैं। वह सबसे छोटी बेटी चंचल है। उनकी हत्या से पूरा परिवार सदमे में है।
पोस्टमार्टम में पहुंची मृतक रमेश की मझली पुत्री शिखा ने कहा कि मेरे पापा निर्दोष थे। वह तो केवल बुआ के घर मिलने गए थे। उनके बिना किसी कारण के फूफा ने गोली मार दी। पापा के मर्डर करने वाले को जेल व बेल नहीं होनी चाहिए। हमारे पापा के हत्यारे को सीधे फांसी की सजा मिलनी चाहिए।