लखनऊ से वाराणसी जा रही मालगाड़ी ने मानव रहित क्रॉसिंग पर खड़ी स्कार्पियो को शनिवार शाम टक्कर मार दी। टक्कर से स्कार्पियो लखनऊ रेलपथ पर दूर तक घिसटती चली गई और खड्ड में पलट गई। दुर्घटना में कांग्रेस नेता की मौके पर ही मौत हो गई।
दुर्घटना से सद्भावना, डुप्लीकेट पंजाब मेल, श्रमजीवी, हिमगिरी समेत कई गाड़ियों का संचालन करीब तीन घंटे तक बाधित रहा। रेल कर्मचारी वाहन को ट्रैक से हटाने में जुटे रहे। डीआरएम ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं। मुसाफिरखाना में आयोजित बार एसोसिएशन के शपथ ग्रहण समारोह से कांग्रेस नेता वीरेंद्र बहादुर सिंह (60) निवासी
उत्तरपाटी, मुसाफिरखाना शनिवार शाम घर लौट रहे थे। लखनऊ-वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग के कस्थुनी पूरब के निकट स्थित समपार फाटक 98 पर वीरेंद्र की स्कार्पियो फंस गई। इसी बीच लखनऊ से वाराणंसी की तरफ जा रही डाउन मालगाड़ी की टक्कर से स्कार्पियो के परखच्चे उड़ गए।
वाहन दूर तक मालगाड़ी से घिसटता चला गया। दुर्घटना में वीरेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनका पौत्र गौरव ट्रेन से दूर होने से बच गया। दुर्घटना की सूचना पर परिचालन, इंजीनियरिंग, सिग्नल, जीआरपी व आरपीएफ के प्रभारी मौके पर पहुंच गए। दो घंटे की मशक्कत के बाद लोगों की मदद से वाहन को ट्रैक से हटाया गया और शव को बाहर निकाला गया।