तीसरे चरण का मतदान समाप्त होने के बाद निजी वाहन से मतपेटिका ले जाने वाला पीठासीन अधिकारी रविवार को सस्पेंड कर दिया गया। पीठासीन बनाए गए शिक्षक से तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण मांगा गया है। शिक्षक की इस मनमानी की वजह से शनिवार शाम संबंधित बूथ पर इस कदर बवाल हुआ था कि पुलिस को बल प्रयोग तक करना पड़ा था।
बाजार शुकुल ब्लॉक के उच्च प्राथमिक स्कूल गयासपुर के सहायक अध्यापक जमील अहमद को तीसरे चरण के चुनाव में पीठासीन अधिकारी बनाया गया था। पीठासीन के रूप में जमील अहमद की तैनाती तिलोई तहसील के सिंहपुर ब्लॉक स्थित चिलौली गांव के बूथ संख्या-104 पर की गई थी। शनिवार को मतदान समाप्त होने के बाद जमील अहमद ने बैलेट बॉक्स को पोलिंग पार्टी में शामिल एक अन्य शिक्षक के निजी वाहन पर रखकर स्ट्रांग रूप पहुंचा दिया। इसकी जानकारी होने के बाद प्रधान पद के कई प्रत्याशी व उनके समर्थक सड़क पर उतर आए और रोड जाम कर हंगामा व पुलिस प्रशासन पर पथराव किया था।
हालात यह हो गए कि हंगामे को समाप्त करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग भी करना पड़ा। पीठासीन की मनमानी से उपजे इस हालात से नाराज डीएम ने शनिवार को ही शिक्षक को निलंबित करने का आदेश दिया था। डीएम के आदेश और इस संबंध में सेक्टर मजिस्ट्रेट की रिपोर्ट मिलने के बाद बीएसए आनंद कुमार पांडेय ने रविवार दोपहर जमील अहमद को निलंबित करते हुए उनसे तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण देने को कहा है। बीएसए ने बताया कि स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं होने की स्थिति में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।