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दबंगई बनी इरफान और आमीन की हत्या की वजह

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अमेठी। बीधापुर गांव के चचेरे भाइयों की मर्डर मिस्ट्री से पुलिस ने शुक्रवार को पर्दा उठा दिया। चचेरे भाइयों की आए दिन लोगों से मारपीट और रुपये वसूलने से निजात पाने के लिए छह युवकों ने प्लान तैयार कर हत्या की थी।
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पुलिस ने हत्या में शामिल छह आरोपियों को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त चाकू, कुल्हाड़ी के साथ ही जीप भी बरामद कर ली है। आरोपियों को पुलिस ने सीजेएम कोर्ट में पेश किया, जहां सभी को सीजेएम ने न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया ।
पीपरपुर थाना क्षेत्र के बीधापुर गांव निवासी यासीन का बेटा इरफान (19) अपने चचेरे भाई आमीन (20) पुत्र नसीम के साथ 30 जुलाई को घर से निकला था।
दोनों जब घर नही लौटे तो पुलिस ने यासीन की तहरीर पर गुमशुदगी दर्ज कर जांच कर रही थी। इसके बाद इरफान और आमीन का शव सुल्तानपुर जिले के गोसाईगंज थाना क्षेत्र के सैफुल्लागंज के पास स्थित नहर से पुलिस ने अलग-अलग दिन बरामद किया था।
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डबल मर्डर को पीपरपुर थानाध्यक्ष श्याम सुंदर ने तफ्तीश आगे बढ़ाई तो एक के बाद एक परत खुलती चली गई। शुक्रवार को एसओ पीपरपुर श्याम सुंदर ने अफजल व असलम पुत्रगण मोहम्मद शाकिर निवासी गडेरियन का पुरवा थाना पीपरपुर को क्षेत्र के अयोध्यानगर तिराहे के पास से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस की पूछताछ में अफजल व असलम ने बताया कि दोनों ने अमित पाल, सत्य नरायन पाल, दिलीप उर्फ दीपू निवासी गडेरियन का पुरवा, आफताब निवासी खानजादा का पुरवा के साथ मिलकर इरफान और आमीन की हत्या की है।
पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त चाकू, कुल्हाड़ी के साथ ही जीप बरामद किया है। पीपरपुर पुलिस टीम की ओर से किए गए डबल मर्डर की जानकारी सीओ अमेठी पीयूषकांत ने मीडिया को दी।
पीपरपुर थाने की पुलिस ने सभी छह आरोपियों को सीजेएम कोर्ट में पेश किया, जहां सीजेएम अनुराग कुरील ने न्यायिक हिरासत में सभी को जेल भेज दिया।
भादर। पीपरपुर थाना क्षेत्र के बीधापुर गांव निवासी इरफान (19) पुत्र यासीन और आमीन (20) पुत्र नसीम की आम शोहरत क्षेत्र में दबंग की थी। एसओ पीपरपुर श्याम सुंदर ने बताया कि इरफान और यासीन आए दिन लोगों के साथ मारपीट, धमकी देकर रुपये की वसूली करते थे।
कोई विरोध करता था तो उनकी पिटाई की जाती थी। एसओ ने बताया कि हत्या में शामिल दिलीप उर्फ दीपू ने बताया कि इरफान और आमीन आए दिन उससे रुपये लेते थे। उसके साथी आफताब व असलम के साथ भी दोनों मारपीट करते थे।
दोनों की ज्यादती जब बढ़ गई तो सभी ने मिलकर हत्या का प्लान तैयार किया था। इसके तहत सभी रियाज ढाबे के पीछे पहुंचे थे जहां पर अमित पाल के मोबाइल से आमीन के मोबाइल फोन पर कॉल करके उसे शराब पीने के लिए बुलाया गया था।
जब इरफान और आमीन ढाबे के पीछे पहुंचे तो उन्हें शराब पिलाई गई। शराब पिलाने के बाद चाकू व कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी गई। हत्या के बाद जीप से दोनों के शवों को लादकर सुल्तानपुर के डबल नहर में फेंक दिया था।
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